नैनीताल: उत्तराखंड के शांत पर्यटन शहर नैनीताल से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ की जिला अदालत (नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) को बम से उड़ाने की एक और धमकी भरी ईमेल मिलने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि इस बार इस धमकी की जिम्मेदारी कुख्यात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और श्रीलंका के पूर्व उग्रवादी संगठन तमिल टाइगर्स (LTTE) ने संयुक्त रूप से ली है। पिछले कुछ दिनों के भीतर कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की यह दूसरी बड़ी धमकी है, जिसके बाद पूरे शहर और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अभेद्य कर दी गई है।
धमकी भरा वीडियो और ईमेल: दहशत फैलाने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह धमकी एक वीडियो संदेश और ईमेल के जरिए भेजी गई है:
- दावा और जिम्मेदारी: संदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि नैनीताल कोर्ट परिसर उनके निशाने पर है। ISI और तमिल टाइगर्स के नाम का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों को खुली चुनौती दी गई है।
- समय सीमा का जिक्र: धमकी में एक निश्चित समय के भीतर धमाका करने की बात कही गई है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है।
- साजिश की बू: जानकारों का मानना है कि यह किसी गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है या फिर शरारती तत्वों द्वारा साइबर स्पेस का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश।
सुरक्षा घेरे में नैनीताल: छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर
धमकी मिलने के तुरंत बाद नैनीताल पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है:
- सघन चेकिंग अभियान: डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते (BDS) और स्थानीय पुलिस ने कोर्ट के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली है। कोर्ट रूम, पार्किंग और आसपास के संवेदनशील इलाकों को खंगाला गया है।
- सचिवालय और अन्य दफ्तरों पर नजर: चूंकि नैनीताल में हाईकोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान भी स्थित हैं, इसलिए पूरी मॉल रोड और तल्लीताल-मल्लीताल क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।
- प्रवेश पर पाबंदी: कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है और बिना पहचान पत्र के प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।
साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं
इस धमकी के पीछे की सच्चाई जानने के लिए तकनीकी जांच तेज कर दी गई है:
- IP एड्रेस की ट्रैकिंग: साइबर सेल उस ईमेल और वीडियो के स्रोत (Source) का पता लगाने की कोशिश कर रही है। यह जांचा जा रहा है कि क्या यह संदेश वीपीएन (VPN) के जरिए विदेश से भेजा गया है या स्थानीय स्तर पर किसी ने शरारत की है।
- पुराना कनेक्शन: पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस धमकी का संबंध कुछ दिन पहले मिली पहली धमकी से है।





