नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) के खगोलविदों के अनुसार, अप्रैल 2026 का महीना खगोलीय घटनाओं के शौकीनों के लिए बेहद खास होने वाला है। इस दौरान अंतरिक्ष में एक दुर्लभ नजारा दिखेगा, जब दो चमकीले धूमकेतु (Comets) एक साथ पृथ्वी के करीब से गुजरेंगे।
खगोलीय घटना का मुख्य विवरण:
- दो मेहमान धूमकेतु: इस अप्रैल में C/2026 A1 (MAPS) और C/2025 R3 (PanSTARRS) नाम के दो धूमकेतु पृथ्वी के करीब आएंगे।
- नग्न आंखों से दर्शन: वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये दोनों धूमकेतु इतने चमकीले हो सकते हैं कि इन्हें बिना दूरबीन (Naked Eye) के भी देखा जा सकेगा।
- एरीज (ARIES) की नजर: नैनीताल का एरीज संस्थान अपनी अत्याधुनिक दूरबीनों, विशेषकर देवस्थल ऑप्टिकल टेलिस्कोप (DOT) के जरिए इन पर पैनी नजर रख रहा है।
पहला धूमकेतु: C/2026 A1 (MAPS)
- विशेषता: यह एक ‘सनग्रेजर’ (Sungrazer) धूमकेतु है, जो सूर्य के बेहद करीब से होकर गुजरता है।
- कब दिखेगा: यह 4 अप्रैल 2026 को सूर्य के सबसे करीब होगा और 6 से 10 अप्रैल के बीच पृथ्वी से सबसे स्पष्ट दिखाई देगा।
- चमक: इसकी चमक -2.8 मैग्नीट्यूड तक पहुंच सकती है, जो इसे आसमान के सबसे चमकीले पिंडों में से एक बना देगी।
दूसरा धूमकेतु: C/2025 R3 (PanSTARRS)
- आगमन: यह धूमकेतु अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में अपनी चमक बिखेरेगा।
- महत्वपूर्ण तिथियां: यह 19 अप्रैल को सूर्य के करीब पहुंचेगा और 26 अप्रैल 2026 को पृथ्वी के सबसे नजदीक (लगभग 7.3 करोड़ किलोमीटर) होगा।
- दर्शन का समय: इसे सुबह सूरज निकलने से लगभग दो घंटे पहले पूर्वी आकाश में पेगासस (Pegasus) नक्षत्र के पास देखा जा सकेगा।
देखने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:
- स्थान का चयन: धूमकेतुओं को स्पष्ट देखने के लिए ऊंचे स्थानों और कम प्रदूषण वाले क्षेत्रों (जैसे नैनीताल या पहाड़ी इलाके) का चुनाव करें।
- बाइनोक्युलर का उपयोग: हालांकि ये नग्न आंखों से दिख सकते हैं, लेकिन इनकी ‘पूंछ’ को बारीकी से देखने के लिए एक साधारण दूरबीन (Binoculars) बेहतर विकल्प है।
- खतरों की संभावना: वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि ‘सनग्रेजर’ धूमकेतु सूर्य की तीव्र गर्मी के कारण टूट भी सकते हैं, जिससे उनकी चमक अचानक बढ़ या घट सकती है।





