रक्सौल/नेपालगंज: भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में स्थानीय समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प और विरोध प्रदर्शनों के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई है। सुरक्षा कारणों और बिगड़ती कानून व्यवस्था को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा (Indo-Nepal Border) को अनिश्चितकाल के लिए सील कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार से सटी सीमाओं पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।
हिंसा का कारण और मौजूदा स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल के सीमावर्ती जिलों में दो समुदायों के बीच किसी विवादित मुद्दे को लेकर हिंसक झड़पें शुरू हुईं, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा आगजनी और पथराव की घटनाओं के बाद नेपाल प्रशासन ने कई इलाकों में कर्फ्यू (Curfew) लगा दिया है। सीमा के समीपवर्ती नेपाली बाजारों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसके चलते नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल की भारी तैनाती की गई है।
भारत में ‘हाई अलर्ट’ और बॉर्डर सील
नेपाल में हो रही हिंसा का असर भारतीय सीमाई जिलों जैसे महराजगंज, श्रावस्ती और पूर्वी चंपारण में भी देखने को मिल रहा है।
- आवाजाही पर रोक: नो-मैन्स लैंड (No Man’s Land) पर दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है।
- कड़ी चेकिंग: केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और अनिवार्य मालवाहक वाहनों को ही कड़ी जांच के बाद अनुमति दी जा रही है।
- एसएसबी की तैनाती: भारतीय सुरक्षा बलों (SSB) ने सीमा पर गश्त तेज कर दी है ताकि नेपाल की अशांति का फायदा उठाकर कोई असामाजिक तत्व भारतीय क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
यात्रियों और व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें
बॉर्डर सील होने के कारण हजारों यात्री दोनों तरफ फंसे हुए हैं। विशेषकर भारत से नेपाल घूमने गए पर्यटकों और सीमा पार व्यापार करने वाले व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रक्सौल और सोनौली जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वे सीमावर्ती क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें।
अधिकारियों का बयान
भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि वे नेपाली समकक्षों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। जैसे ही नेपाल में स्थिति शांतिपूर्ण होगी और वहां से सुरक्षा का आश्वासन मिलेगा, बॉर्डर को फिर से खोलने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सीमाई गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।





