नीट यूजी परीक्षा को नए सिरे से आयोजित कराने को खारिज करने के आदेश की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी गई है। शीर्ष अदालत ने अपने 2 अगस्त के आदेश में कहा था कि वर्तमान में रिकॉर्ड पर ऐसी कोई पर्याप्त सामग्री नहीं है जो परीक्षा की अखंडता से समझौता करने वाली प्रणालीगत लीक या कदाचार का संकेत दे।
काजल कुमारी द्वारा दायर समीक्षा याचिका में शीर्ष अदालत के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की गई है। इसके पहले अदालत ने कहा था कि चूंकि पैनल का दायरा बढ़ा दिया गया है, इसलिए समिति परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के विभिन्न उपायों पर 30 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देगी। शीर्ष अदालत ने एनटीए को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि अदालत द्वारा अपने फैसले में उजागर की गई सभी चिंताओं का समाधान किया जाए और सात सदस्यीय समिति से अपनी सिफारिशें करते समय इन मुद्दों को ध्यान में रखने का अनुरोध किया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक नीट अभ्यर्थी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें प्रवेश परीक्षा में ‘पाठ्यक्रम से बाहर’ प्रश्न पूछे जाने का आरोप लगाया गया था। न्यायालय ने कहा कि वह विशेषज्ञों के ज्ञान पर संदेह नहीं कर सकता और उसके स्थान पर अपनी राय नहीं रख सकता।
याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि भौतिकी खंड में एक प्रश्न ‘रेडियोधर्मिता’ पर आधारित था, जबकि ‘रेडियोधर्मिता विषय’ इस वर्ष के NEET-UG के पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं था।





