केप कैनावेरल, फ्लोरिडा (21 मार्च, 2026):अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्र अभियान ‘आर्टेमिस II’ (Artemis II) के लिए पूरी तैयारी कर ली है। एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, नासा ने शनिवार को अपने विशाल स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर स्थित ऐतिहासिक लॉन्च पैड 39B पर पहुंचा दिया है। यह रॉकेट अब 1 अप्रैल, 2026 को चंद्रमा की ओर अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे।
लॉन्च पैड पर दूसरी बार: हीलियम सिस्टम की खराबी दूर
यह रॉकेट दूसरी बार लॉन्च पैड पर गया है, जो इस मिशन की जटिलता और नासा की सतर्कता को दर्शाता है:
- मार्च की तकनीकी खराबी: इससे पहले, मार्च की शुरुआत में, रॉकेट के हीलियम सिस्टम में एक तकनीकी खराबी आ गई थी। इस खराबी के कारण लॉन्च की तैयारियों को बीच में ही रोकना पड़ा और रॉकेट को वापस व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (VAB) के अंदर लाना पड़ा था।
- सफल मरम्मत और परीक्षण: नासा के इंजीनियरों ने पिछले कुछ हफ़्तों में दिन-रात काम करके हीलियम सिस्टम की खराबी को दूर किया और रॉकेट के सभी प्रणालियों का कड़ा परीक्षण किया। शनिवार को, सभी परीक्षणों में सफल रहने के बाद, रॉकेट को फिर से लॉन्च पैड पर ले जाने का फैसला किया गया।
आधी रात का सफर: 6.4 किमी की दूरी तय
रोबोटिक ‘क्रॉलर-ट्रांसपोर्टर’ पर सवार होकर, आर्टेमिस II रॉकेट ने आधी रात के अंधेरे में एक धीमा और सुरक्षित सफर तय किया:
- धीमी गति: फ्लोरिडा के अंधेरे में, रॉकेट ने लगभग 1 मील प्रति घंटे (1.6 किमी/घंटा) की धीमी गति से अपना सफर शुरू किया।
- 6.4 किमी की दूरी: रॉकेट को VAB से लॉन्च पैड 39B तक पहुंचने में लगभग 8 से 10 घंटे लगे। इस दौरान, इसने लगभग 4 मील (6.4 किमी) की दूरी तय की, जो इस विशालकाय मशीन के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है।
- लॉन्च पैड पर स्थापित: शनिवार सुबह, रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च पैड पर स्थापित कर दिया गया है। अब इंजीनियर और तकनीशियन लॉन्च की अंतिम तैयारियों में जुट गए हैं।
आर्टेमिस II मिशन: चंद्रमा की परिक्रमा और ‘गेटवे’ की नींव
आर्टेमिस II मिशन नासा के ‘आर्टेमिस’ कार्यक्रम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर पहली महिला और पहले रंगीन व्यक्ति को उतारना है:
- चंद्रमा की परिक्रमा: यह मिशन चंद्रमा पर लैंडिंग नहीं करेगा, बल्कि चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चंद्रमा के चारों ओर एक लंबी परिक्रमा करेगा। यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चंद्रमा के वातावरण और अंतरिक्ष यान की कार्यक्षमता का परीक्षण करने का एक अवसर होगा।
भावी मिशनों के लिए आधार: आर्टेमिस II की सफलता ‘आर्टेमिस III’ मिशन के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी, जिसमें चंद्रमा पर लैंडिंग की योजना है। इसके अलावा, यह चंद्रमा के चारों ओर एक ‘गेटवे’ (एक अंतरिक्ष स्टेशन) बनाने की नींव भी रखेगा, जो मंगल और अन्य ग्रहों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।





