नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल के पहले दिन राष्ट्र के नाम अपना संदेश साझा करते हुए समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 भारत के लिए नई संभावनाओं और संकल्पों की सिद्धि का वर्ष होगा। सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से जारी अपने संदेश में उन्होंने देश की प्रगति के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देश के भविष्य और नागरिकों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखा। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- संकल्प से सिद्धि का मंत्र: पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय द्वारा लिया गया संकल्प ही राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने की शक्ति है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “आपके संकल्प की सिद्धि हो, यही मेरी ईश्वर से प्रार्थना है।”
- विकसित भारत का लक्ष्य: प्रधानमंत्री ने दोहराया कि अगले कुछ वर्ष भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में निर्णायक होंगे। उन्होंने आत्मनिर्भरता और नवाचार (Innovation) पर जोर दिया।
- सांस्कृतिक गौरव और आधुनिकता: उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिकता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
देशभर में उत्साह का माहौल
प्रधानमंत्री के इस सकारात्मक संदेश का सोशल मीडिया पर व्यापक स्वागत हुआ। नागरिकों ने उनके ‘संकल्प से सिद्धि’ के आह्वान को साझा करते हुए देश की प्रगति में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम ने अपने संदेश में विशेष रूप से उन जवानों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया, जो नए साल के उत्सव के बीच भी सीमा और समाज की सुरक्षा में डटे हुए हैं।
भविष्य की रूपरेखा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि आगामी वर्ष के लिए सरकार की कार्य-योजना और जन-भागीदारी (Jan-Bhagidari) का एक संकेत है। सरकार इस वर्ष कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरा करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में सभी के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की और भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया।





