बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में बड़े स्तर पर फेरबदल कर सकती है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने संकेत दिए हैं कि नवंबर के बाद कैबिनेट विस्तार और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बताया जा रहा है कि दलगत संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन मूल्यांकन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ लगातार चर्चा चल रही है और संगठन की आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, कई विधायकों ने मंत्रिपद की मांग उठाई है, खासकर दक्षिण और हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र से, जहां पार्टी ने हालिया चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था। ऐसे में कुछ मौजूदा मंत्रियों की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।
कांग्रेस हाईकमान भी कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल करने के पक्ष में है, ताकि आगामी चुनावी चुनौतियों के मद्देनजर मजबूत टीम तैयार की जा सके। इस बदलाव में महिलाओं और युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, कुछ विभागों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद विभागीय अदला-बदली भी हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल पार्टी संगठन और सरकार, दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल असंतोष को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि सरकार की छवि और प्रशासनिक क्षमता में सुधार की उम्मीद भी है।
फिलहाल सभी की निगाहें नवंबर के बाद होने वाली राजनीतिक हलचल पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि किन नेताओं का कद बढ़ेगा और कौन मंत्रीमंडल से बाहर हो सकता है।





