भुवनेश्वर/रायगढ़ा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के दौरे के दौरान वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जो लोग भारत में फिर से ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने का सपना देख रहे हैं, वे पूरी तरह नाकाम होंगे। शाह ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत बहुत जल्द नक्सलवाद के दंश से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: ‘अब बचाव नहीं, प्रहार होगा’
गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए सुरक्षा बलों और जनता के बीच कड़ा संदेश साझा किया:
- खत्म होता प्रभाव: अमित शाह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में नक्सली हिंसा की घटनाओं में 70% से अधिक की कमी आई है।
- विकास बनाम विनाश: उन्होंने कहा कि नक्सली विकास के विरोधी हैं; वे सड़कें, स्कूल और अस्पताल नहीं बनने देते, लेकिन अब सरकार सुरक्षा के साथ-साथ विकास को हर सुदूर गांव तक पहुँचा रही है।
- घेराबंदी की रणनीति: सुरक्षा बलों ने अब नक्सलियों के उन सुरक्षित गढ़ों (जैसे बूढ़ा पहाड़ और छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़) में प्रवेश कर लिया है, जहाँ दशकों से सुरक्षा बल नहीं पहुँच पाए थे।
ओडिशा की भूमिका और रणनीतिक महत्व
ओडिशा के संदर्भ में गृह मंत्री ने राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समन्वय की सराहना की:
- सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा: ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अब पीछे हट रहे हैं।
- स्थानीय समर्थन: शाह ने कहा कि जब आदिवासियों को शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मिल रही हैं, तो वे नक्सलियों का साथ छोड़ मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।
- आत्मसमर्पण की अपील: उन्होंने नक्सलियों से हथियार डालने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता केवल तबाही लाता है, जबकि लोकतंत्र का रास्ता खुशहाली।
‘रेड कॉरिडोर’ का सपना अब इतिहास
एक समय में पशुपति (नेपाल) से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) तक फैले तथाकथित ‘रेड कॉरिडोर’ के संदर्भ में शाह ने कड़ा प्रहार किया:
- सुरक्षा चक्र: केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों में बड़ी संख्या में फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित किए हैं, जिससे नक्सलियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
- संसाधनों पर चोट: उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां अब केवल नक्सलियों को ही नहीं, बल्कि उनकी फंडिंग और रसद आपूर्ति (Logistics) करने वाले नेटवर्क को भी ध्वस्त कर रही हैं।





