टनकपुर (चंपावत): नव वर्ष 2026 के स्वागत और आशीर्वाद के लिए उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। नए साल के शुरुआती दिनों में ही आस्था की ऐसी लहर दिखी कि अब तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालु माँ के दरबार में दर्शन कर चुके हैं। टनकपुर और बनबसा के क्षेत्रों से लेकर मुख्य मंदिर तक चारों ओर ‘जय माता दी’ के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है।
उमड़ा जनसैलाब: मुख्य आकर्षण और आंकड़े
- रिकॉर्ड भीड़: मंदिर समिति और प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी की सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और शनिवार शाम तक यह आंकड़ा 30 हजार को पार कर गया।
- लंबी कतारें: श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कई घंटों तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। मुख्य मंदिर परिसर से लेकर भैरव मंदिर तक भक्तों की भारी भीड़ जमा है।
- दूसरे राज्यों से आगमन: दर्शन करने वालों में न केवल उत्तराखंड, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और नेपाल से आए श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या शामिल है।
प्रशासन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है:
- यातायात प्रबंधन: टनकपुर से ठुलीगाड़ और भैरव मंदिर तक यातायात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की पार्किंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि जाम की स्थिति न बने।
- सुरक्षा व्यवस्था: चंपावत पुलिस द्वारा मंदिर मार्ग और संवेदनशील पॉइंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों और मेटल डिटेक्टर के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
- स्वास्थ्य और सुविधाएं: तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पेयजल, अलाव और चिकित्सा शिविरों का इंतजाम किया गया है। मंदिर समिति के स्वयंसेवक भी यात्रियों की सहायता के लिए तत्पर हैं।
व्यापारियों के चेहरे खिले
श्रद्धालुओं की इस भारी आमद से स्थानीय व्यापारियों में काफी खुशी देखी जा रही है। टनकपुर के होटलों, धर्मशालाओं और मुख्य मार्ग पर स्थित प्रसाद की दुकानों पर जमकर खरीदारी हो रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया साल एक सकारात्मक ऊर्जा दे रहा है।





