हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी हरिद्वार की मर्यादा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में नगर निगम ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सोमवार को आयोजित नगर निगम बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब शहर की निर्धारित सीमा के भीतर ‘कच्चे मांस’ (Raw Meat) की कोई भी दुकान संचालित नहीं होगी। आगामी ‘अर्धकुंभ मेला 2027’ की व्यापक तैयारियों और श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने इन दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है।
बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
नगर निगम परिसर में हुई इस उच्च स्तरीय बोर्ड बैठक में पार्षदों और अधिकारियों ने शहर के सौंदर्यीकरण और धार्मिक स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की।
- अतिक्रमण और स्वच्छता पर जोर: बैठक में यह तर्क दिया गया कि मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में मांस की दुकानों के कारण न केवल स्वच्छता प्रभावित होती है, बल्कि धार्मिक पर्यटन पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
- शहर से बाहर स्थानांतरण: नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल शहर की आंतरिक सीमा के लिए है। वर्तमान में संचालित सभी लाइसेंस प्राप्त दुकानों को नगर निगम द्वारा चिन्हित शहर की बाहरी सीमाओं पर शिफ्ट किया जाएगा।
अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों का हिस्सा
अगले साल हरिद्वार में आयोजित होने वाले ‘अर्धकुंभ मेले’ के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन अभी से कमर कस चुका है।
- श्रद्धालुओं की सुविधा: प्रशासन का मानना है कि मेले के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुँचते हैं। ऐसे में शहर के मुख्य क्षेत्रों को पूरी तरह सात्विक और स्वच्छ रखना प्राथमिकता है।
- पवित्रता का मानक: हरिद्वार को ‘मोक्ष नगरी’ माना जाता है, इसलिए नगर निगम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि गंगा के घाटों और मुख्य मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों पर किसी भी प्रकार की मांस की दुकान न दिखे।
प्रशासनिक रुख और भविष्य की योजना
नगर आयुक्त ने इस फैसले के क्रियान्वयन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और संबंधित अधिकारियों को दुकानों के चिन्हीकरण के निर्देश दे दिए हैं।
“हरिद्वार एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र है। अर्धकुंभ मेले के दौरान यहाँ व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए। हमने शहर की गरिमा को ध्यान में रखते हुए मांस की दुकानों को बाहरी क्षेत्रों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। इसके लिए व्यापारियों को उचित समय और विकल्प दिया जाएगा।”





