देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोले हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 28,000 से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित उत्तराखंड’ की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। रोजगार देने के साथ-साथ, चयन प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने देश का सबसे कठोर ‘नकल विरोधी कानून’ भी लागू किया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है।
भर्ती प्रक्रियाओं में आई तेजी: विभागों का ब्योरा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने रुकी हुई भर्ती परीक्षाओं को गति दी और रिकॉर्ड समय में नियुक्तियां पूरी कीं:
- प्रमुख नियुक्तियां: सबसे अधिक भर्तियां शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और राजस्व विभागों में की गई हैं। इसके अलावा, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) और लोक सेवा आयोग (UKPSC) के माध्यम से हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में भी गतिमान है।
- नियुक्ति पत्र वितरण: सरकार ने ‘रोजगार मेलों’ के जरिए सफल अभ्यर्थियों को स्वयं मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं, जिससे युवाओं के मनोबल में वृद्धि हुई है।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: नकल विरोधी कानून
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोकने के लिए धामी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं:
- देश का सबसे सख्त कानून: उत्तराखंड में लागू किए गए नए कानून के तहत नकल कराने वाले माफियाओं के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- पारदर्शिता सुनिश्चित करना: नकल माफियाओं की संपत्ति कुर्क करने और दोषी पाए जाने वाले परीक्षार्थियों को भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित करने जैसे कड़े नियमों ने व्यवस्था में विश्वास पैदा किया है।
- सिस्टम का शुद्धिकरण: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ की नीति पर काम कर रही है, और किसी भी स्तर पर धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में अवसर
सरकारी नौकरियों के अलावा, सरकार ने निजी क्षेत्र और स्वरोजगार पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है:
- स्टार्टअप और पर्यटन: ‘होमस्टे योजना’ और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देकर हजारों युवाओं को उनके गांव में ही रोजगार से जोड़ा गया है।
- कौशल विकास: मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे उद्योगों में उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री का संबोधन
हल्द्वानी में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि हर हाथ को काम देना है।
“हमारी सरकार ने केवल वादे नहीं किए, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारा है। 28 हजार युवाओं को सरकारी सेवा में लाना एक शुरुआत है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मेहनत करने वाले हर युवा को उसका हक मिले और कोई भी नकल माफिया उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री





