देहरादून: राजधानी के पटेलनगर क्षेत्र से लापता हुए दिगंबर की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक टैक्सी चालक को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या और शव को ठिकाने लगाने की पूरी कहानी बयां की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने देहरादून के बाहरी इलाके के घने जंगलों से दिगंबर का सड़ा-गला शव बरामद कर लिया है। इस खुलासे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
हत्या की वजह: मामूली विवाद या रंजिश?
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दिगंबर और टैक्सी चालक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था:
- विवाद की शुरुआत: आरोपी टैक्सी चालक ने बताया कि घटना वाले दिन दिगंबर के साथ उसकी कहासुनी हो गई थी। आवेश में आकर उसने दिगंबर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
- साजिश का ताना-बाना: हत्या के बाद आरोपी घबरा गया और पकड़े जाने के डर से उसने शव को शहर से दूर ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
शव को ठिकाने लगाने का खौफनाक तरीका
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने शव को गायब करने के लिए सुनसान रास्तों का चुनाव किया:
- रात का सन्नाटा: आरोपी ने दिगंबर के शव को अपनी ही टैक्सी में रखा और देर रात मसूरी-देहरादून मार्ग के पास स्थित घने जंगलों की ओर निकल गया।
- खाई में फेंका शव: पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसने शव को जंगल में एक गहरी खाई में फेंक दिया, ताकि जंगली जानवर उसे नुकसान पहुँचा दें और किसी को भनक न लगे।
- गुमराह करने की कोशिश: शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी सामान्य जीवन जीने लगा ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस की कार्रवाई: सर्विलांस और मुखबिर की मदद
दिगंबर के परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस लगातार सक्रिय थी:
- मोबाइल लोकेशन: पुलिस ने मृतक के मोबाइल की अंतिम लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाली, जिससे टैक्सी चालक पर शक की सुई घूमी।
- सख्ती से पूछताछ: जब पुलिस ने संदिग्ध चालक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने जंगल का वह स्थान बताया जहाँ शव फेंका गया था।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद जंगल की खाई से शव को बाहर निकाला। शव की स्थिति काफी खराब थी, जिसकी पहचान कपड़ों और अन्य सामानों के आधार पर की गई।





