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देहरादून में वकीलों का बड़ा एलान: डीएम के तबादले तक राजस्व कार्य रहेगा ठप, आम जनता की परेशानी बढ़ेगी

देहरादून। राजधानी देहरादून में वकीलों और जिला प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध अब और गहरा गया है। चैंबर विवाद को लेकर पैदा हुए मतभेदों के बाद बार एसोसिएशन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए यह ऐलान किया है कि जब तक वर्तमान जिलाधिकारी का तबादला नहीं हो जाता, तब तक जिलाधिकारी कार्यालय और अपर जिलाधिकारी कोर्ट सहित सभी राजस्व कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा।

चैंबर विवाद और ‘दमनकारी नीति’ का आरोप

इस पूरे विवाद की जड़ वकीलों के लिए चैंबर निर्माण का मुद्दा है। हाल ही में हुई एक आम सभा के दौरान बार के वरिष्ठ सदस्य और अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा अपना पक्ष रखते हुए बेहद भावुक हो गए।

  • भावुक अपील: उन्होंने भरे गले से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे वकीलों के चैंबर निर्माण के लिए संघर्ष समिति का नेतृत्व कर रहे हैं।
  • गंभीर आरोप: शर्मा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि चैंबर के मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने और वकीलों का नेतृत्व करने के कारण ही जिला प्रशासन उनके विरुद्ध दमनकारी नीति अपना रहा है।

पूरी वकील बिरादरी का अपमान: एसोसिएशन

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने जिला प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा:

“यह कार्रवाई केवल प्रेमचंद शर्मा का नहीं, बल्कि पूरी वकील फ्रेटरनिटी (बिरादरी) का अपमान है। इतने वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी अनुशंसा करना जिलाधिकारी की तानाशाही को दर्शाता है। बार एसोसिएशन इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।”

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक वकील का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वकीलों के सम्मान और उनके अधिकारों का सवाल है।

आम लोगों की बढ़ेगी परेशानी, राजस्व कार्य पूरी तरह ठप

वकीलों के इस कठोर फैसले से देहरादून के आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ना तय है। बार एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि जब तक डीएम का ट्रांसफर नहीं होता, तब तक निम्नलिखित कार्य पूरी तरह से ठप रहेंगे:

  1. जिलाधिकारी कार्यालय: डीएम ऑफिस में होने वाले सभी प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कार्य रुक जाएंगे।
  2. अपर जिलाधिकारी (ADM) कोर्ट: यहाँ होने वाली सभी कोर्ट कार्यवाहियाँ और राजस्व मामलों की सुनवाई ठप रहेगी।

उप-निबंधक कार्यालय: रजिस्ट्री और अन्य सभी राजस्व संबंधी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी।

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