देहरादून।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमपी) की चेतावनी के बाद देहरादून जिले में मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से विशेष एहतियात बरतते हुए जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को मंगलवार को बंद रखने का आदेश दिया है। हालांकि यह आदेश केवल छात्रों के लिए लागू होगा। शिक्षक और कर्मचारी सामान्य रूप से स्कूल पहुंचेंगे। प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सहस्रधारा में बादल फटने से तबाही
देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई। कई होटल और दुकानें मलबे की चपेट में आ गए, जबकि बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे। ग्रामीणों और राहत दलों ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। घटनास्थल पर एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें तैनात हैं, वहीं लोक निर्माण विभाग मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटा है।
मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तत्परता के साथ लोगों की मदद में जुटी है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम या स्थानीय पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून समेत पूरे गढ़वाल क्षेत्र में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील बताए हैं। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राहत दल चौकसी में जुटे हुए हैं।





