देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सुभाष नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां स्थित एक टेंट हाउस के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। टेंट के सामान में प्लास्टिक, कपड़े और लकड़ी की बहुतायत होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि वे पास के रिहायशी घरों तक पहुंचने लगीं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हादसे का मंजर: आसमान में छाया काला धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग दोपहर के वक्त लगी और देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया:
- भीषण लपटें: गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैली। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था।
- बचाव कार्य: आग की तीव्रता को देखते हुए दमकल विभाग ने आसपास के घरों को तुरंत खाली कराया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त गोदाम के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई।
- पड़ोसियों में डर: लपटें इतनी करीब थीं कि पड़ोस के घरों की खिड़कियों और दीवारों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने अपनी छतों पर चढ़कर पानी डालकर आग को रोकने की कोशिश की।
दमकल विभाग की कार्रवाई और चुनौतियां
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा:
- तंग गलियां: सुभाष नगर की तंग गलियों के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी समय लगा।
- बैकअप सप्लाई: आग इतनी भीषण थी कि शुरुआती गाड़ियों का पानी कम पड़ गया, जिसके बाद शहर के अन्य केंद्रों से अतिरिक्त टैंकर बुलाए गए।
- घंटों की मशक्कत: दमकलकर्मियों ने लगभग 3 से 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया और ‘कूलिंग’ की प्रक्रिया शुरू की।
लाखों का नुकसान, कारण अज्ञात
टेंट हाउस मालिक के अनुसार, इस अग्निकांड में शादी-ब्याह के सीजन के लिए रखा गया लाखों का सामान जलकर राख हो गया है। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि दमकल विभाग और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। प्रशासन यह भी जांच रहा है कि क्या गोदाम में आग से बचाव के उचित मानक (Fire Safety Norms) अपनाए गए थे या नहीं।




