देहरादून। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। लगातार बारिश और अचानक बढ़े जलस्तर से आसन व जाखन नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बारिश और सड़क-पुल टूटने से विभिन्न स्थानों पर एक हजार से अधिक लोग फंस गए थे। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने राहत कार्य चलाकर इन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें पौंधा स्थित देवभूमि इंस्टीट्यूट में लगभग 500, मसूरी के लिटिल हैवन होटल में 15, हेरिटेज होटल में 8, रायपुर के पंचकूली में 30, डालनवाला एमडीडीए कॉलोनी क्षेत्र में 20, प्रेमनगर में 10, ठाकुरपुर में 1, मसंदावाला में 4, सहस्रधारा रोड पर 4 और सेरकी में 6 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
खंभों और ऊंची जगहों पर चढ़कर बचाई जान
तेज बारिश के कारण ठाकुरपुर क्षेत्र में कई लोगों ने जान बचाने के लिए बिजली के खंभों और ऊंचे मकानों की छतों पर शरण ली। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन्हें सुरक्षित नीचे उतारा।
फुलेट गांव में मकान ढहा, आठ मजदूर दबे
शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर फुलेट गांव में एक मकान बारिश की वजह से गिर गया। इसमें आठ मजदूर दब गए। स्थानीय लोगों ने दो को निकाल लिया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। दुर्गम चढ़ाई के कारण बचाव दल को यहां पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क और पुल टूटे, यातायात बाधित
लगातार हो रही बारिश से कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं।
- देहरादून–पांवटा राजमार्ग पर टोंस नदी पुल के पास सड़क बह जाने से यातायात बंद हो गया।
- मसूरी–देहरादून मार्ग पर कई जगह भूस्खलन और पानी भरने से वाहन फंसे रहे।
- प्रेमनगर में नंदा की चौकी पुल बीच से ढह गया, जिससे विकासनगर और सेलाकुई का संपर्क कट गया।
- डोईवाला में जाखन नदी पर बना पुल का एक हिस्सा टूटकर बह गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद है।
- देहरादून–हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ के पास जाखन पुल की एप्रोच रोड बह गई। यहां नदी में उफान आने से बड़े-बड़े पेड़ पुल के नीचे फंस गए और पानी ऊपर से बहने लगा। आसपास के कई घरों व खेतों में पानी और कीचड़ भर गया।
गांव-गांव में नुकसान, खेत बर्बाद
थानों और भोगपुर क्षेत्र में बारिश ने तबाही मचाई है। बड़कोट और थानों वन रेंज के जंगलों से बहकर आए पेड़ और मलबा सड़कों व पुलों पर फंसे रहे। कई घरों में पानी घुस गया, जबकि सैकड़ों बीघा खेत कीचड़ से भरकर बर्बाद हो गए।
बदरीनाथ हाईवे भी बंद
कर्णप्रयाग और गौचर में भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खतरे का स्तर पार करने की आशंका जताई गई है।
प्रशासन ने की अपील
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने और झुग्गियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपदा की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को देने को कहा गया है।




