देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में पैगंबर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार रात सड़क पर उतरी भीड़ के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। उपद्रव करने और धार्मिक उन्माद फैलाने वालों की पहचान सीसीटीवी कैमरों और मौके पर बने वीडियो से की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं।
आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाला गिरफ्तार
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पहला मुकदमा उस युवक पर दर्ज हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और विवादित पोस्ट हटवा दी गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
सड़क पर उतरी भीड़ पर दूसरा मुकदमा
इसके बावजूद देर रात सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ ने सड़क जाम कर दी, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ अस्पतालों की ओर जा रही एंबुलेंस भी फंस गईं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। इस दौरान पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।
सीओ अंकित कंडारी ने बताया कि धक्का-मुक्की और हाथापाई में महिला सिपाही शिखा चौधरी, सिपाही विनोद कुमार, प्रवीण कुमार, संदीप कुमार और मंजीत सिंह घायल हुए। उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया है। उपनिरीक्षक हर्ष अरोड़ा की तहरीर पर उपद्रव, हुड़दंग और धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच और साजिश की आशंका
एसएसपी ने कहा कि जिस तरह से 700 से अधिक लोग अचानक सड़कों पर उतरकर उपद्रव करने लगे, उससे पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
फ्लैग मार्च और सख्ती
घटना के बाद पटेलनगर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी की पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून: उपद्रव करने वालों पर मुकदमा दर्ज





