Sunday, November 30, 2025

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देश में नकली दवाओं पर अब लगेगी लगाम, केंद्र लाएगा सख्त कानून; स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मसौदे को दी मंजूरी

नई दिल्ली, 15 अक्तूबर।
मध्य प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत की घटना के बाद केंद्र सरकार ने नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार जल्द ही दवाओं की गुणवत्ता, जांच और बाजार निगरानी को कानूनी मजबूती देने के लिए एक नया कानून लाने जा रही है। इस विधेयक को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की योजना है।

सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य मंत्रालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित कानून की रूपरेखा रखी। बैठक के दौरान ड्रग कंट्रोलर डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने दवा, चिकित्सा उपकरण और कॉस्मेटिक्स अधिनियम 2025’ का मसौदा पेश किया, जिस पर मंत्री नड्डा ने सहमति जताई।

सीडीएससीओ की 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में जांची गई करीब 5,500 दवाओं में से 3.2 प्रतिशत नमूने सबस्टैंडर्ड या नकली पाए गए। वहीं, पिछले दो वर्षों में 40 से अधिक फार्मा इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु में घटिया कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। जांच में कई मामलों में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) जैसे खतरनाक रसायन की मिलावट पाई गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून के तहत पहली बार केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को वैधानिक अधिकार दिए जाएंगे, जिससे नकली या घटिया दवाओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
इसके अलावा बिल में लाइसेंसिंग प्रक्रिया के डिजिटलीकरण, राज्य स्तरीय नियामक एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और प्रयोगशालाओं की जांच क्षमता बढ़ाने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, यह नया अधिनियम 1940 के पुराने ‘दवा और प्रसाधन सामग्री अधिनियम’ की जगह लेगा। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है ताकि दवा निर्माण, वितरण और बिक्री की हर प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को केवल मानक गुणवत्ता वाली, सुरक्षित और प्रमाणित दवाएं ही मिलें। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नया कानून लागू होने के बाद नकली दवाओं के कारोबार पर निर्णायक प्रहार होगा और देश में फार्मा उद्योग की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।

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