नई दिल्ली। दिव्यांगजनों के कल्याण और उनके अधिकारों से संबंधित मामलों की निगरानी करने वाली महत्वपूर्ण केंद्रीय समिति में केंद्र सरकार ने संशोधन करते हुए दो नए सांसदों को सदस्य नियुक्त किया है। यह समिति दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और नीतिगत सुधारों को लेकर सुझाव देने वाली प्रमुख संस्था मानी जाती है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, समिति की मौजूदा संरचना में आंशिक बदलाव किए गए हैं। इसके तहत दो नए सांसदों को शामिल कर समिति को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। नए सदस्यों के जुड़ने से जमीनी स्तर पर दिव्यांगजनों से संबंधित मुद्दों को बेहतर ढंग से संसद तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
क्या है समिति का कार्य?
यह समिति देशभर में दिव्यांगजनों के लिए लागू योजनाओं, अधिकारों की उपलब्धता, सुविधाओं के विस्तार, पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर काम करती है। सरकारी नीतियों को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सदस्यों के जुड़ने से बढ़ेगी प्रतिनिधित्व क्षमता
अधिकारियों के अनुसार, नए सदस्यों को शामिल करने का उद्देश्य समिति में व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, ताकि दिव्यांगजन समुदाय की वास्तविक आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय किए जा सकें।
सूत्रों का कहना है कि समिति की बैठकों में इन सांसदों की सक्रिय भागीदारी से दिव्यांगजनों से जुड़ी कई लंबित पहलें गति पकड़ सकती हैं और विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह संशोधन दिव्यांगजन हितों को लेकर नीति स्तर पर मजबूत प्रतिबद्धता का संकेत माना जा रहा है।





