देहरादून (19 मार्च, 2026): बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे’ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में होने के साथ ही उत्तराखंड की राजधानी में यातायात के दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एक्सप्रेस-वे खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी महज 2.5 घंटे रह जाएगी, जिससे पर्यटकों और निजी वाहनों की संख्या में कई गुना इजाफा होगा। इस भारी दबाव से शहर को जाम मुक्त रखने के लिए शासन और पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में देहरादून के प्रमुख प्रवेश द्वारों और व्यस्त चौराहों पर 6 नए ट्रैफिक स्टेशन खोलने का निर्णय लिया गया है।
जाम की आशंका: क्यों बढ़ेगी चुनौती?
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के चालू होते ही राजधानी में वाहनों का रेला उमड़ने की संभावना है:
- वाहनों की संख्या में वृद्धि: वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर से आने वाले वाहनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन एक्सप्रेस-वे के बाद वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या मौजूदा आंकड़े से 3 से 4 गुना तक बढ़ सकती है।
- बॉटलनेक की समस्या: एक्सप्रेस-वे से तेज गति से आने वाले वाहन जब शहर की संकरी सड़कों और मोहब्बेवाला जैसे प्रवेश द्वारों पर पहुंचेंगे, तो वहां भारी जाम (Bottleneck) की स्थिति पैदा होना तय है।
- स्थानीय यातायात पर असर: बाहरी वाहनों के दबाव का सीधा असर राजपुर रोड, चकराता रोड और आईएसबीटी जैसे क्षेत्रों के स्थानीय ट्रैफिक पर पड़ेगा।
प्रशासन का ‘मास्टर प्लान’: 6 नए ट्रैफिक स्टेशनों की सौगात
जाम की इस संभावित चुनौती से फौरन निपटने (Quick Response) के लिए पुलिस महानिदेशक और एसएसपी ने नए ट्रैफिक स्टेशनों के प्रस्ताव को मंजूरी दी है:
- प्रवेश द्वारों पर पहरा: ये स्टेशन उन पॉइंट्स पर बनाए जा रहे हैं जहाँ से एक्सप्रेस-वे का ट्रैफिक शहर के भीतर प्रवेश करेगा। इनमें मोहब्बेवाला, आशारोड़ी और डाट काली के आसपास के क्षेत्र प्रमुख हैं।
- क्विक रिस्पांस टीम (QRT): प्रत्येक ट्रैफिक स्टेशन पर समर्पित क्रेन, इंटरसेप्टर वाहन और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। जाम की सूचना मिलते ही ये टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर यातायात सुचारू करेंगी।
- आधुनिक मॉनिटरिंग: इन स्टेशनों को ‘स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम’ से जोड़ा जाएगा, जिससे ड्रोन और हाई-डेफिनिशन कैमरों के जरिए ट्रैफिक की रियल-टाइम निगरानी हो सकेगी
प्रस्तावित लोकेशन और सुविधाएं
सूत्रों के अनुसार, जिन 6 स्थानों पर ट्रैफिक स्टेशन खोलने की तैयारी है, उनमें शामिल हैं:
- आशारोड़ी/मोहब्बेवाला: दिल्ली की ओर से आने वाले ट्रैफिक के प्रबंधन के लिए।
- आईएसबीटी चौक: अंतर्राज्यीय बसों और एक्सप्रेस-वे के जंक्शन को नियंत्रित करने के लिए।
- सहस्रधारा रोड/राजपुर रोड: मसूरी जाने वाले पर्यटकों के दबाव को मोड़ने के लिए।
- भानियावाला/जौलीग्रांट: एयरपोर्ट और ऋषिकेश की ओर जाने वाले मार्ग पर नजर रखने के लिए।
विशेषज्ञों की राय: सड़कों का चौड़ीकरण भी है जरूरी
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ट्रैफिक स्टेशन खोलना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ ही:
- फ्लाईओवर और अंडरपास: शहर के भीतर प्रमुख जंक्शनों पर नए फ्लाईओवर की आवश्यकता होगी।
पार्किंग प्रबंधन: पर्यटकों के वाहनों के लिए शहर के बाहरी हिस्सों में ‘पेरिफ़ेरल पार्किंग’ विकसित करनी होगी ताकि मुख्य सड़कों पर गाड़ियां खड़ी न हों।





