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दिल्ली का ऐतिहासिक बजट आज: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पेश करेंगी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेखा-जोखा; विकास को मिलेगी नई गति, शिक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा जोर

नई दिल्ली (25 मार्च, 2026): दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र, सोमवार को विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में शुरू हुआ, लेकिन मंगलवार (24 मार्च) को राष्ट्रीय राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जो वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रही हैं, आज सुबह 11:00 बजे विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली का वार्षिक बजट पेश करेंगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि यह बजट 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा, जो दिल्ली के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है। उन्होंने देश को आश्वस्त किया है कि इस बजट से दिल्ली के विकास की गति और तेज होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया जाएगा। पूरी दुनिया की नजरें अब दिल्ली से आने वाली खबरों पर टिकी हैं, क्योंकि यह बजट दिल्ली के विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

प्रमुख पहल: 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट और विकास पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के बजट सत्र के दूसरे दिन, बजट पेश करने से पहले अपने विजन और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया:

  • विकास की गति: मुख्यमंत्री गुप्ता ने जोर देकर कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट दिल्ली के विकास की गति को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देगी, ताकि दिल्ली के नागरिकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। बजट में इन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण आवंटन किया जाएगा, ताकि दिल्ली के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने कहा कि सरकार नए स्कूलों और अस्पतालों का निर्माण करेगी और मौजूदा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

बजट सत्र का पहला दिन: विपक्ष की अनुपस्थिति और कैग-पीएसी रिपोर्ट

दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को विपक्ष की अनुपस्थिति में शुरू हुआ, जिससे सदन की कार्यवाही पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है:

  1. विपक्ष की अनुपस्थिति: विपक्षी दलों ने बजट सत्र का बहिष्कार करने का फैसला किया है, क्योंकि उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों और चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी दलों से सत्र में भाग लेने की अपील की है, लेकिन उन्होंने अपनी मांग पर अड़े रहने का फैसला किया है।
  2. कैग और पीएसी रिपोर्ट: बजट सत्र के पहले दिन, सदन में तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार से जुड़ी 6 कैग (CAG) और 3 पीएसी (PAC) रिपोर्ट पेश की गईं। इन रिपोर्टों में कई अनियमितताओं और कमियों की ओर इशारा किया गया है, जिस पर 25 मार्च को विस्तार से चर्चा होगी। विपक्ष ने इन रिपोर्टों को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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