मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी दशहरा रैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच भाजपा ने शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए तंज कसा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में कई जिलों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से लोग बेहाल हैं, ऐसे समय में उद्धव ठाकरे को अपनी राजनीतिक रैली रद्द कर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि उद्धव ठाकरे हर साल अपनी दशहरा रैली को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बनाते हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग हैं। हजारों परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं, लोग बेघर हो गए हैं और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में यह रैली रद्द कर पीड़ितों के साथ खड़े होने का सही समय है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे जनता की तकलीफों से ज्यादा अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाने की चिंता में रहते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जो नेता खुद को जनसेवक बताते हैं, उन्हें विपरीत परिस्थितियों में दिखाना चाहिए कि जनता पहले है और राजनीति बाद में।
इधर, उद्धव ठाकरे गुट का कहना है कि भाजपा बाढ़ राहत को भी राजनीति से जोड़ रही है। शिवसेना (उद्धव गुट) नेताओं का कहना है कि रैली उनकी परंपरा और पहचान का हिस्सा है, लेकिन साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाना भी उनकी प्राथमिकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दशहरा रैली को लेकर उद्धव गुट और भाजपा के बीच यह तकरार आने वाले समय में और तेज हो सकती है। यह रैली उद्धव ठाकरे के लिए शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच होती है, वहीं भाजपा चाहती है कि मौजूदा हालात में उन्हें रक्षात्मक स्थिति में धकेला जाए।





