दक्षिण कोरिया की संसद में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पारित हुआ है। राष्ट्रपति यून सूक योल को मार्शल लॉ लागू करने संबंधी आदेश पारित करने के कारण इस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस मामले में अमेरिकी विदेश विभाग ने कोरिया के साथ साझेदारी जारी रखने की बात कही है। पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका ने कहा, कोरिया गणराज्य (आरओके), उसके नागरिकों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ देश में कानून के शासन का अमेरिका पूरा समर्थन करता है। अपने समर्थन को दोहराते हुए विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, यूएस-आरओके गठबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है। दक्षिण कोरिया की संसद में शनिवार को राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास हुआ। उनके खिलाफ 204 वोट पड़े, जबकि उनके समर्थन में सिर्फ 85 वोट डाले गए। संसद में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद उनकी शक्तियां तत्काल रूप से निलंबित हो गईं। अब प्रधानमंत्री हान डक-सू कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में काम करेंगे। अब, सांविधानिक न्यायालय के पास यह तय करने के लिए 180 दिनों का समय है कि यून को राष्ट्रपति पद से हटाया जाए या उनकी शक्तियां बहाल की जाएं। यदि उन्हें पद से हटा दिया जाता है, तो उनके उत्तराधिकारी को चुनने के लिए 60 दिनों के भीतर राष्ट्रीय चुनाव कराना होगा।
यून के महाभियोग की खबर सामने आने के बाद संसद के सामने प्रदर्शनकारी जश्न मनाने लगे। कोरियाई पॉप गाना बजाते हुए वे नाच रहे थे। हालांकि, यून के समर्थक भी सियोल में इकट्ठा हुए थे, लेकिन महाभियोग का ऐलान सुनने के बाद वे शांत हो गए।
यून ने एक बयान जारी कर कहा कि वह हार मानने वाले नहीं हैं। देश के लिए अपना सर्वोत्तम प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अस्थायी विराम के दौरान सरकार को स्थिर बनाए रखने की आवश्यकता है।





