कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में अहम भूमिका निभाने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने पार्टी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व से मतभेदों की खबरों के बीच घोष ने अब अपने बयान में नरमी दिखाते हुए कहा कि वे पूरी तरह तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं और आगे भी रहेंगे।
शनिवार को मीडिया से बातचीत में कुणाल घोष ने कहा, “मैं तृणमूल कांग्रेस का सिपाही हूं और रहूंगा। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी ने जो दिशा तय की है, मैं उसी के साथ खड़ा हूं। कुछ राजनीतिक मतभेद या व्यक्तिगत भावनाएं कभी पार्टी के प्रति वफादारी को प्रभावित नहीं कर सकतीं।”
गौरतलब है कि बीते कुछ सप्ताहों से घोष के कुछ बयानों को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे पार्टी से नाराज हैं। हालांकि, उनके इस ताज़ा बयान ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है।
घोष ने कहा कि विपक्षी दल टीएमसी में मतभेद की झूठी कहानियां फैलाकर भ्रम पैदा करना चाहते हैं, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता और नेतृत्व एकजुट हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल की राजनीति की धुरी हैं। मैं उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा रखता हूं।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुणाल घोष का यह रुख आने वाले नगर निकाय और लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए राहत की खबर है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, घोष को संगठन के भीतर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
टीएमसी के प्रदेश प्रवक्ता ने भी कहा कि घोष पार्टी के मजबूत स्तंभों में से एक हैं और उनका अनुभव संगठन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।





