Sunday, February 15, 2026

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तीन दिवसीय दौरे पर मलयेशियाई पीएम अनवर भारत पहुंचे

मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम तीन दिवसीय भारत यात्रा पर सोमवार देर रात नई दिल्ली पहुंचे। उनके दौरे के संबंध में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को बताया था कि इब्राहिम की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच बहु-क्षेत्रीय सहयोग एजेंडा तैयार करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने मलयेशियाई समकक्ष के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से भारतीय श्रमिकों की भर्ती सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। भारतीय श्रमिकों की भर्ती समझौते पर हस्ताक्षर करने का निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत से मलेशिया में अवैध आव्रजन और मानव तस्करी दोनों सरकारों की प्रमुख चिंताओं में से एक है।  प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय चर्चा के दौरान मलयेशिया में रह रहे विवादास्पद इस्लामी प्रचार जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठ सकता है। भारत ने इससे पहले मलयेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के सामने यह मुद्दा उठाया था, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई है। आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में भारत में नाइक वांछित है। अपनी यात्रा के दौरान इब्राहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मलयेशिया के पीएम से मिलेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इब्राहिम मोदी के निमंत्रण पर 19 से 21 अगस्त तक भारत की ‘राजकीय यात्रा’ पर रहेंगे। 20 अगस्त को इब्राहिम का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया जाएगा और वे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाएंगे। इसके बाद वे पीएम मोदी से बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय प्रधानमंत्री मलयेशियाई नेता के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगे। बाद में, इब्राहिम का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का कार्यक्रम है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘जैसा कि दोनों देश अगले साल बढ़ी हुई रणनीतिक साझेदारी के दूसरे दशक में प्रवेश कर रहे हैं, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की यात्रा भविष्य के लिए बहु-क्षेत्रीय सहयोग एजेंडा तैयार करके भारत-मलयेशिया द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच समग्र संबंध बेहतर हुए हैं। हाल के वर्षों में मलयेशिया के साथ भारत के रक्षा संबंधों में तेजी आई है। 1993 में हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की आधारशिला है।

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