वेल्लोर: तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक धार्मिक शोभा यात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक मंदिर उत्सव के दौरान खींचा जा रहा 60 फीट ऊंचा लकड़ी का रथ अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सड़क पर खड़े श्रद्धालुओं की भीड़ पर जा गिरा। इस दुर्घटना में कम से कम 7 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत रही कि रथ के गिरने की दिशा में लोगों की संख्या कम थी, अन्यथा यह एक बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकता था। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति का जायजा ले रही हैं।
हादसे का मंजर: मोड़ काटते समय डगमगाया रथ
चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मंदिर का भव्य रथ अपनी पारंपरिक यात्रा पर निकला था:
- अचानक असंतुलन: जब रथ एक संकीर्ण मोड़ को काट रहा था, तभी असंतुलन के कारण वह एक तरफ झुकने लगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु रथ को रस्सियों से खींच रहे थे।
- मची भगदड़: जैसे ही 60 फीट ऊंचे रथ के गिरने का आभास हुआ, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही सेकंड में भारी-भरकम रथ जमीन पर आ गिरा।
- दब गए श्रद्धालु: रथ की चपेट में आने से सात लोग चोटिल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए घायलों को मलबे और भीड़ के बीच से बाहर निकाला।
राहत और बचाव कार्य: अस्पताल में चल रहा इलाज
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं:
- त्वरित चिकित्सा: घायलों को तुरंत वेल्लोर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
- भारी पुलिस बल तैनात: हादसे के बाद इलाके में तनाव और अफरा-तफरी को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
- जांच के आदेश: जिला कलेक्टर ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या रथ के पहियों में कोई तकनीकी खराबी थी या सड़क की बनावट के कारण संतुलन बिगड़ा।
धार्मिक उत्सवों में सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने दक्षिण भारत के मंदिरों में होने वाले बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है:
- भीड़ नियंत्रण: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उत्सव में उम्मीद से अधिक भीड़ थी, लेकिन उस अनुपात में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे।
- रथ की मजबूती: जांच टीम इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या 60 फीट ऊंचे इस पुराने रथ की मजबूती की यात्रा से पूर्व जांच की गई थी।





