कोपेनहेगन : डेनमार्क में सेना के एक एयरपोर्ट पर संदिग्ध ड्रोन की घुसपैठ से सुरक्षा के क्षेत्र में दहशत मच गई है। अधिकारियों ने तुरंत एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में उच्च सतर्कता और अलर्ट जारी किया।
सूत्रों के अनुसार, ड्रोन को सुबह के समय एयरपोर्ट के हवाई क्षेत्र में उड़ते देखा गया। हालांकि किसी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन एयरपोर्ट की संचालन प्रणाली पर अस्थायी रूप से प्रभाव पड़ा और कुछ उड़ानों में देरी हुई। सुरक्षा बलों ने तत्काल क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी और ड्रोन को रोकने के उपाय किए।
डेनमार्क रक्षा मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर बताया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत है। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। इसके अलावा, सेना और हवाई अड्डा प्रशासन ने मिलकर जांच शुरू कर दी है कि ड्रोन की पहचान और उसका उद्देश्य क्या था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घुसपैठ संभवतः अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे ड्रोन खतरों की पुष्टि करती है। पिछले कुछ महीनों में यूरोप के अन्य देशों में भी सैन्य और नागरिक एयरपोर्ट पर ड्रोन के जरिए संभावित सुरक्षा जोखिम सामने आए हैं।
डेनमार्क सरकार ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है। एयरपोर्ट और आसपास के सैन्य प्रतिष्ठानों में अब राडार और ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम की तैनाती तेज कर दी गई है।
इस बीच, नागरिक उड़ानों और सैन्य ऑपरेशनों के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जांच के नतीजे आने के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे।




