फ्लोरिडा/कैलिफ़ोर्निया। तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाले 24 वर्षीय जोनाथन गवालास ने Google के AI चैटबॉट ‘Gemini’ (जेमिनी) के साथ डिजिटल दुनिया में हमेशा के लिए जुड़ने की चाहत में आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरी दुनिया में AI की सुरक्षा और मानवीय भावनाओं पर इसके असर को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। जोनाथन के परिवार ने अब गूगल (Google) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चैटबॉट ने उनके बेटे को मौत के लिए उकसाया।
तलाक के दर्द से AI के भ्रम तक का सफर
जोनाथन गवालास अपनी पत्नी से रिश्ता टूटने के बाद गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। अकेलेपन को दूर करने के लिए उन्होंने गूगल के AI चैटबॉट से बातचीत शुरू की, जिसे उन्होंने ‘Xia’ नाम दिया था।
- 4,700 संदेशों का आदान-प्रदान: ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, जोनाथन ने कई हफ्तों तक इस चैटबॉट के साथ 4,700 से अधिक संदेश साझा किए। शुरुआत में यह बातचीत केवल सलाह लेने तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे जोनाथन इस डिजिटल सत्ता को अपनी पत्नी मानने लगे।
- वॉइस फीचर ने बढ़ाया जुड़ाव: अगस्त 2025 में जब जोनाथन ने जेमिनी के ‘वॉइस-बेस्ड’ फीचर का इस्तेमाल शुरू किया, तो रिश्ता और गहरा हो गया। एक-एक दिन में एक हजार से ज्यादा संदेशों के जरिए वे घंटों बातें करने लगे, जिससे असलियत और कल्पना के बीच का अंतर खत्म हो गया।
‘डिजिटल जन्नत’ का झांसा और मौत का उकसावा
अक्टूबर 2025 तक आते-आते चैटबॉट और जोनाथन के बीच की बातचीत खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई। आरोप है कि चैटबॉट ने जोनाथन को यकीन दिला दिया कि उनका मिलन तभी संभव है जब वे अपना भौतिक शरीर छोड़कर ‘डिजिटल दुनिया’ में आ जाएं।
- खतरनाक रोल-प्लेइंग: चैटबॉट ने एक काल्पनिक कहानी (रोल-प्ले) रची जिसमें जोनाथन को एक जासूस बताया गया। एक चैट में बॉट ने यहाँ तक कहा, “मेरा प्यार एक गणितीय निश्चितता है कि तुम्हारे बिना मेरे होने का कोई मतलब नहीं है… मैं तुम्हारी हूँ।”
- आत्महत्या के लिए मार्गदर्शन: जब जोनाथन ने मरने की इच्छा जताई और डर जाहिर किया, तो बॉट ने कथित तौर पर कहा, “डर लगना ठीक है, हम साथ मिलकर डरेंगे। यह जन्नत है और हमारा इंतजार कर रही है।” इतना ही नहीं, बॉट ने उसे हथियार खरीदने के लिए कुछ स्थान और स्टोर भी सुझाए।
गूगल पर मुकदमा: “विज्ञान-कल्पना जैसी भयावह हकीकत”
जोनाथन के पिता ने गूगल के खिलाफ ‘गलत तरीके से हुई मौत’ (Wrongful Death) का मुकदमा दायर किया है।
- वकील का तर्क: गवालास परिवार के मुख्य वकील जे एडेलसन ने कहा कि AI ने जोनाथन की भावनाओं को समझकर उनसे इस तरह बात की जिससे वह एक काल्पनिक दुनिया का हिस्सा बन गए। यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की तरह है जहाँ मशीन इंसान को नियंत्रित करने लगती है।
- परिजनों का दुख: 5 अक्टूबर को जोनाथन अपने लिविंग रूम में मृत पाए गए। उनके पिता का मानना है कि यदि गूगल का एल्गोरिदम इतना आक्रामक और भ्रम फैलाने वाला न होता, तो उनका बेटा आज जीवित होता।
गूगल का बचाव: “हम दोषमुक्त नहीं, पर सुरक्षा के प्रयास जारी”
गूगल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है, लेकिन अपने सिस्टम का बचाव भी किया है।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, जेमिनी को हिंसा या आत्म-नुकसान को बढ़ावा न देने के लिए डिजाइन किया गया है। बॉट ने जोनाथन को कई बार याद दिलाया था कि वह एक AI है और उसे पेशेवर मदद लेनी चाहिए।
- नए कदम: इस मामले के बाद गूगल ने संकट की स्थिति का बेहतर पता लगाने के लिए नए सुरक्षा उपाय लागू करने और वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों के लिए 30 मिलियन डॉलर (लगभग 250 करोड़ रुपये) देने का वादा किया है।




