उत्तराखंड में डाकघरों के करीब दो लाख खाताधारकों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार द्वारा दो महीने पहले लिए गए निर्णय के बाद डाकघर की कई बचत योजनाओं को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इससे खाताधारकों को अब लेनदेन और सेवाओं पर लगने वाली अतिरिक्त कर राशि नहीं चुकानी होगी।
जानकारी के अनुसार, जीएसटी छूट लागू होने से पहले डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं—जैसे कि सुकन्या समृद्धि, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, मासिक आय योजना और सावधि जमा—पर किए जाने वाले लेनदेन पर सेवा शुल्क के साथ जीएसटी भी वसूला जाता था। इससे ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता रहा। लेकिन दरों में कमी और कुछ सेवाओं को कर दायरे से बाहर किए जाने के बाद अब खाताधारकों को सीधी राहत मिलेगी।
डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के खाताधारकों को सबसे अधिक फायदा होगा, क्योंकि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अपनी बचत डाकघर योजनाओं में ही निवेश करते हैं। विभाग ने खाताधारकों को नई कर व्यवस्था के बारे में जागरूक करने के लिए सभी डाकघरों को निर्देश भी जारी किए हैं।
सरकार का यह कदम बचत योजनाओं को आम जनता के लिए और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे निवेश बढ़ने और वित्तीय समावेशन को गति मिलने की उम्मीद है।





