तेहरान/वॉशिंगटन/कीव, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक वरिष्ठ पूर्व अधिकारी और शीर्ष धार्मिक नेता द्वारा दिए गए बयानों ने नया भूचाल ला दिया है। एक ओर जहां पूर्व सलाहकार मुहम्मद जवाद लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ड्रोन हमले का संकेत दिया है, वहीं शिया धर्मगुरु अयातुल्ला मकरेम शिराजी ने ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को “खुदा का दुश्मन” बताते हुए फतवा जारी किया है।
“ट्रंप की नाभि को निशाना बना सकता है ईरानी ड्रोन” – पूर्व सलाहकार का बयान
पूर्व में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के करीबी रहे लारीजानी ने एक ईरानी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि ट्रंप जब फ्लोरिडा स्थित अपने रिसॉर्ट मार-ए-लागो में आराम कर रहे होंगे, उसी वक्त ईरान का छोटा सा ड्रोन उनकी नाभि को निशाना बना सकता है। यह बयान ईरानी परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमले के दो हफ्ते बाद सामने आया है।
खुफिया एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी, ट्रंप बोले – “धमकी नहीं, साजिश हो सकती है”
ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल धमकी नहीं बल्कि वास्तविक कोशिश भी हो सकती है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सुरक्षा को लेकर अलर्ट बढ़ा दिया है।
ईरानी फतवे से खतरा और बढ़ा
इस बीच, ईरान के प्रतिष्ठित धार्मिक नेता अयातुल्ला मकरेम शिराजी ने ट्रंप और नेतन्याहू को लेकर धार्मिक फतवा जारी किया है, जिसमें उन्हें “खुदा का दुश्मन” बताया गया है। इससे दोनों नेताओं की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता और बढ़ गई है।
ईरानी हमले में अमेरिकी संचार केंद्र नष्ट
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी वायुसेना अड्डे अल उदैद पर मिसाइल हमला किया, जिससे वहां बना जियोडेसिक डोम पूरी तरह नष्ट हो गया। यह संरचना अमेरिकी सैन्य संचार की रीढ़ मानी जाती है।
23 जून को हुए इस हमले की पुष्टि सैटेलाइट इमेज से हुई है, हालांकि अमेरिकी पेंटागन और कतर सरकार ने इस पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
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