वॉशिंगटन।
यूक्रेन में पिछले साढ़े तीन साल से जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में आज एक बड़ी कूटनीतिक पहल होने जा रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सोमवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के संभावित रास्तों पर गहन चर्चा होगी।
जेलेंस्की की ट्रंप से यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल ही में अलास्का में ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत हुई थी। उस बैठक के बाद ट्रंप ने साफ संकेत दिए थे कि अगर यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहता है तो उसे कुछ बड़े समझौते करने होंगे। इसमें खास तौर पर क्रीमिया को वापस लेने की कोशिश छोड़ना और नाटो की सदस्यता की मांग से पीछे हटना शामिल है।
यूरोपीय नेता भी मौजूद रहेंगे
इस मुलाकात को और ज्यादा महत्व इस वजह से मिल रहा है क्योंकि इसमें कई यूरोपीय देशों के शीर्ष नेता भी मौजूद रहेंगे। व्हाइट हाउस में होने वाली इस बहुपक्षीय बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब और यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सला वॉन डेर लाएन शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, ये सभी नेता ट्रंप पर दबाव डालेंगे कि वह अपने ‘शांति समझौते और युद्धविराम’ वाले फॉर्मूले को लचीला बनाएं। यूरोपीय देशों का मानना है कि अगर ट्रंप का प्रस्ताव जस का तस रहा तो यह यूक्रेन के लिए आत्मसमर्पण जैसा होगा।
जेलेंस्की का कड़ा रुख
जेलेंस्की ने इससे पहले दिए अपने बयानों में साफ कर दिया है कि यूक्रेन अपनी अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि अगर शांति समझौता करना है तो वह यूक्रेन की शर्तों पर होगा, न कि रूस की। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय दबाव और युद्ध की थकान को देखते हुए माना जा रहा है कि जेलेंस्की को अब कुछ समझौतों पर विचार करना पड़ सकता है।
रूस की ओर से शांति संकेत
गौरतलब है कि रूस पहले ही लंबे समय तक शांति कायम करने के लिए एक समझौते की इच्छा जता चुका है। मॉस्को का कहना है कि वह एक स्थायी शांति व्यवस्था चाहता है, लेकिन इसके लिए यूक्रेन को ‘वास्तविकता स्वीकार’ करनी होगी।
बैठक पर दुनिया की निगाहें
आज की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी। यदि ट्रंप-जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के बीच कोई सहमति बनती है तो यह युद्धविराम और शांति समझौते की दिशा में एक निर्णायक कदम हो सकता है। लेकिन अगर मतभेद कायम रहे तो यूक्रेन युद्ध का समाधान और ज्यादा जटिल हो जाएगा।





