Monday, January 12, 2026

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ट्रंप का सनसनीखेज दावा: खुद को बताया वेनेजुएला का ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’, सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर मचाई खलबली; जानें क्या है इस दावे का सच

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से वैश्विक राजनीति में तूफान ला दिया है। ट्रंप ने अपने आधिकारिक हैंडल से एक तस्वीर साझा की है, जिसमें उन्होंने खुद को वेनेजुएला के ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ (Acting President) के रूप में प्रदर्शित किया है। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनयिक गलियारों में हड़कंप मच गया और लोग यह कयास लगाने लगे कि क्या अमेरिका ने वेनेजुएला के मौजूदा शासन के खिलाफ कोई बड़ा आधिकारिक कदम उठाया है। हालांकि, इस दावे की जब गहराई से पड़ताल की गई, तो मामला कुछ और ही निकला।

ट्रंप के दावे और तस्वीर का पूरा सच (Fact Check)

इंटरनेट पर वायरल हो रही इस तस्वीर और दावे का जब फैक्ट चेक किया गया, तो निम्नलिखित तथ्य सामने आए:

  • तस्वीर की वास्तविकता: जिस तस्वीर को ट्रंप ने साझा किया है, वह दरअसल एक व्यंग्यात्मक (Satirical) या सांकेतिक तस्वीर है। इसमें ट्रंप को वेनेजुएला के राष्ट्रपति भवन के संदर्भ के साथ दिखाया गया है, लेकिन यह कोई आधिकारिक सरकारी आदेश नहीं है।
  • वेनेजुएला का राजनीतिक संकट: ट्रंप का यह दावा असल में वेनेजुएला के विवादित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर कटाक्ष है। ट्रंप लंबे समय से मादुरो के शासन को अवैध बताते रहे हैं और विपक्ष के नेताओं का समर्थन करते आए हैं।
  • कूटनीतिक दबाव की रणनीति: विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने यह पोस्ट वेनेजुएला के शासन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और वहां के लोकतंत्र समर्थकों को संदेश देने के लिए किया है, न कि वास्तव में उस देश का कार्यभार संभालने के लिए।

सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाओं की बाढ़

ट्रंप की इस पोस्ट के बाद दुनिया भर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:

  1. विरोधियों का तंज: ट्रंप के आलोचकों ने इसे ‘बचकाना’ व्यवहार करार देते हुए कहा कि एक देश का राष्ट्रपति दूसरे संप्रभु राष्ट्र के बारे में ऐसा दावा नहीं कर सकता।
  2. समर्थकों का उत्साह: ट्रंप के समर्थकों ने इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ बताया है। उनका तर्क है कि ट्रंप ने इस एक पोस्ट से मादुरो शासन की नींद उड़ा दी है।
  3. वेनेजुएला सरकार की चुप्पी: फिलहाल निकोलस मादुरो की सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन वहां की सरकारी मीडिया इसे अमेरिका का ‘साम्राज्यवादी अहंकार’ बता रही है।

ट्रंप और वेनेजुएला: पुराना है विवाद

यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में कड़ा रुख अपनाया है:

  • प्रतिबंधों की बौछार: अपने पिछले कार्यकाल में ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे।
  • विपक्ष को मान्यता: अमेरिका पहले भी वेनेजुएला के विपक्षी नेताओं को ‘अंतरिम राष्ट्रपति’ के रूप में मान्यता दे चुका है, जिससे मादुरो सरकार और वॉशिंगटन के बीच संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे।

निष्कर्ष: कूटनीति या केवल सोशल मीडिया स्टंट?

फैक्ट चेक से यह स्पष्ट होता है कि डोनाल्ड ट्रंप कानूनी या संवैधानिक रूप से वेनेजुएला के राष्ट्रपति नहीं बने हैं। यह पोस्ट केवल उनके ‘आक्रामक कूटनीतिक अंदाज’ का हिस्सा है, जिसके जरिए वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति जैसे पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ऐसा दावा करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के लिहाज से एक नई बहस को जन्म दे सकता है।

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