वॉशिंगटन/कराकस: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के साथ फोन पर एक महत्वपूर्ण बातचीत की है। इस चर्चा के दौरान ट्रंप ने दक्षिण अमेरिकी देश में चल रहे सत्ता परिवर्तन और सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा की। ट्रंप ने दावा किया कि तानाशाह निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से वेनेजुएला के हालात में तेजी से सुधार हो रहा है और वहां हिंसा में कमी आई है। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि उनका प्रशासन वेनेजुएला में लोकतंत्र की पूरी तरह बहाली और वहां की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ट्रंप और अंतरिम राष्ट्रपति के बीच बातचीत के मुख्य बिंदु
अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल कॉल में निम्नलिखित मुद्दों पर सहमति बनी:
- शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण: ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम सरकार को अपना पूर्ण समर्थन दोहराया और कहा कि मादुरो के युग का अंत वहां के नागरिकों के लिए एक नई शुरुआत है।
- गिरफ्तारी का प्रभाव: ट्रंप ने कहा कि मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद वहां की सड़कों पर होने वाले दंगे और अराजकता काफी हद तक थम गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता दमनकारी शासन से छुटकारा चाहती थी।
- सुरक्षा और स्थिरता: दोनों नेताओं ने वेनेजुएला के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और मानवीय सहायता पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा की।
वेनेजुएला में कैसे बदला सत्ता का समीकरण?
वेनेजुएला लंबे समय से दोहरी सत्ता और आर्थिक संकट का सामना कर रहा था:
- विवादित चुनाव और प्रदर्शन: निकोलस मादुरो पर पिछले चुनावों में धांधली के आरोप लगे थे, जिसके बाद देश भर में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
- अंतरराष्ट्रीय मान्यता: अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने मादुरो को अवैध घोषित करते हुए विपक्ष के नेता को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी थी।
- मादुरो की गिरफ्तारी: हालिया सैन्य और नागरिक विद्रोह के बाद निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया, जिसे ट्रंप ने ‘लोकतंत्र की जीत’ करार दिया है।
अमेरिका की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति का परिणाम
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उनकी पुरानी विदेश नीति का ही विस्तार है:
- आर्थिक प्रतिबंध: ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में वेनेजुएला के तेल उद्योग पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिसका उद्देश्य मादुरो सरकार की आर्थिक कमर तोड़ना था।
- क्षेत्रीय प्रभाव: ट्रंप का मानना है कि वेनेजुएला में स्थिरता आने से पूरे लैटिन अमेरिका में साम्यवाद (Communism) का प्रभाव कम होगा और अमेरिका के लिए शरणार्थी संकट भी सुलझेगा।
भविष्य की चुनौतियां: क्या राह आसान होगी?
भले ही ट्रंप ने हालात सुधरने का दावा किया है, लेकिन वेनेजुएला के सामने अभी कई बड़ी चुनौतियां हैं:
- मुद्रास्फीति और गरीबी: देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और वहां दुनिया की सबसे ऊंची महंगाई दर है।
- गुटबाजी: मादुरो के प्रति वफादार सैन्य गुटों से अभी भी छिटपुट संघर्ष का खतरा बना हुआ है।
- पुनर्निर्माण: ट्रंप ने वादा किया है कि अमेरिका वेनेजुएला के पुनर्निर्माण में मदद करेगा, लेकिन इसके लिए बड़े निवेश और पारदर्शी शासन की आवश्यकता होगी।
निष्कर्ष: ट्रंप की बड़ी कूटनीतिक जीत?
डोनाल्ड ट्रंप इस घटनाक्रम को अपनी एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश कर रहे हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि ट्रंप की सख्त छवि के कारण ही वेनेजुएला में मादुरो जैसे शासक का पतन संभव हो सका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका वहां नए सिरे से चुनाव कराने में सफल रहता है।




