वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले लेकिन महत्वपूर्ण फैसले में विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा को नवनिर्मित ‘गाजा पीस एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड’ (Gaza Peace Board) में शामिल किया है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि युद्धग्रस्त गाजा में स्थिरता लाने और वहां के बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए अजय बंगा की वित्तीय सूझबूझ और वैश्विक साख अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने बंगा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके पास जटिल संकटों को सुलझाने और बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को लागू करने का अद्वितीय अनुभव है। इस नियुक्ति को वैश्विक कूटनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ एक शीर्ष वित्तीय संस्थान के प्रमुख को सीधे तौर पर शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
क्या होगा ‘गाजा पीस बोर्ड’ का मुख्य कार्य?
अजय बंगा की सदस्यता वाला यह बोर्ड गाजा पट्टी के भविष्य को लेकर निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम करेगा:
- वित्तीय रोडमैप तैयार करना: युद्ध के कारण पूरी तरह तबाह हो चुके गाजा के पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर का फंड जुटाना और उसका पारदर्शी प्रबंधन करना।
- बुनियादी ढांचे का निर्माण: गाजा में अस्पतालों, स्कूलों, पानी और बिजली की व्यवस्था को फिर से शुरू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समन्वय बिठाना।
- आर्थिक स्थिरता: वहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना ताकि कट्टरपंथ को कम कर शांति की राह आसान की जा सके।
- मानवीय सहायता: यह सुनिश्चित करना कि अंतरराष्ट्रीय मदद बिना किसी बाधा के सीधे जरूरतमंद नागरिकों तक पहुँचे।
ट्रंप और बंगा के बीच बढ़ती ‘केमिस्ट्री’
राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अजय बंगा पर ट्रंप का यह भरोसा कई मायनों में अहम है:
- द्विदलीय समर्थन: बंगा को बाइडेन प्रशासन के दौरान विश्व बैंक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन ट्रंप द्वारा उन्हें यह नई जिम्मेदारी देना दर्शाता है कि उनकी योग्यता को राजनीति से ऊपर रखा गया है।
- भारतीय-अमेरिकी प्रभाव: अजय बंगा की यह नई भूमिका वैश्विक मंच पर भारतीय प्रवासियों (Diaspora) के बढ़ते कद और प्रभाव को भी रेखांकित करती है।
- ट्रंप की ‘शांति’ नीति: ट्रंप प्रशासन गाजा विवाद को हल करने के लिए ‘आर्थिक प्रोत्साहन’ को एक बड़े हथियार के रूप में देख रहा है, और बंगा इस विजन में पूरी तरह फिट बैठते हैं।
अजय बंगा के सामने चुनौतियां
विश्व बैंक के साथ-साथ इस बोर्ड की जिम्मेदारी संभालना बंगा के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा:
- राजनैतिक जटिलता: गाजा में इजरायल, हमास और विभिन्न अरब देशों के बीच तालमेल बिठाना एक कठिन चुनौती है।
- सुरक्षा जोखिम: अशांत क्षेत्र में पुनर्निर्माण कार्य शुरू करना और वहां काम करने वाली एजेंसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक चुनौती होगी।
- वर्ल्ड बैंक का कार्यभार: विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों और इस नई भूमिका के बीच संतुलन बनाना भी एक महत्वपूर्ण विषय है।
अजय बंगा की ‘गाजा पीस बोर्ड’ में नियुक्ति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक सकारात्मक संदेश दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंगा जैसे अनुभवी नेतृत्व के आने से गाजा के पुनर्निर्माण में वित्तीय भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी और डोनर देशों का भरोसा बढ़ेगा। राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम से मध्य पूर्व में दशकों से चले आ रहे तनाव को समाप्त करने की दिशा में एक नई और ‘इकोनॉमिक-सेंट्रिक’ (अर्थव्यवस्था आधारित) पहल की शुरुआत हो सकती है।





