Sunday, February 8, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

ट्रंप आज मिस्र दौरे पर, शांति शिखर सम्मेलन में इस्राइल की भागीदारी पर उठे सवाल; शीर्ष नेता करेंगे शिरकत

नई दिल्ली / काहिरा।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज मिस्र के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां उन्हें एक महत्वपूर्ण शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेना है। हालांकि सम्मेलन में इस्राइल के शामिल होने को लेकर संदेह बरकरार है, जिससे मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया पर हल्का संकट पैदा हो सकता है।

ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में सैन्य और कूटनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य शांति प्रयासों को गति देना और मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखना बताया जा रहा है। सम्मेलन में कई प्रमुख देश और क्षेत्रीय नेता शामिल होंगे, जिनमें मिस्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और फिलिस्तीन के उच्च अधिकारियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

इस्राइल की भागीदारी पर संदेह

सूत्रों के अनुसार, इस्राइल के शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर फिलहाल कोई पुष्टि नहीं मिली है। हाल के महीनों में गाजा और पश्चिमी तट में सुरक्षा की स्थिति अस्थिर रही है, जिसके चलते इजरायली नेतृत्व के सम्मेलन में भाग लेने को लेकर सावधानी बरती जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस्राइल शामिल नहीं होता है, तो शांति वार्ता आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती है, लेकिन ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अन्य देशों की सहभागिता के माध्यम से प्रक्रिया को जारी रखा जा सकता है।

सम्मेलन में शामिल होंगे शीर्ष नेता

मिस्र में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में ट्रंप के अलावा कई प्रधानमंत्री और उच्च स्तरीय मंत्री भी भाग लेंगे। सम्मेलन का एजेंडा मुख्य रूप से सशस्त्र संघर्ष समाप्ति, स्थायी शांति समझौतों, और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित होगा।
कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि ट्रंप व्यक्तिगत रूप से कई नेताओं से एक-से-एक बैठकें भी करेंगे, ताकि द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंध मजबूत हों।

ट्रंप की शांति पहल

ट्रंप प्रशासन की ओर से इस यात्रा को मध्य पूर्व में उनकी “शांति पहल और कूटनीतिक हस्तक्षेप” के रूप में देखा जा रहा है। उनका लक्ष्य क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास बहाली और तनाव कम करना बताया जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के दौरे से मध्य पूर्व में नई वार्ता प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जो लंबे समय से स्थिरता के लिए आवश्यक रही है।

निष्कर्ष

ट्रंप का मिस्र दौरा और शांति शिखर सम्मेलन में शीर्ष नेताओं की उपस्थिति यह संकेत देती है कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के प्रयास फिर तेज होंगे। हालांकि इस्राइल की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन ट्रंप प्रशासन का मानना है कि सभी अन्य पक्षों की सहभागिता के जरिए शांति प्रक्रिया को मजबूती दी जा सकती है।

 

 

Popular Articles