न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने कड़े शब्दों में अपना रुख स्पष्ट किया। भारत ने कहा कि हाल में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और एयरफोर्स हवाई अड्डों पर हुए हमलों के चलते यदि वहां के अधिकारी “टूटे रनवे और जले हुए हैंगर” को जीत की निशानी मानते हैं, तो उन्हें खुश रहने दिया जाए।
पाकिस्तान की गलतफहमी पर भारत की प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, यह टिप्पणी भारत की ओर से पाकिस्तान के हालिया दावे और उसकी सैन्य उपलब्धियों को लेकर की गई थी। भारत ने स्पष्ट किया कि वास्तविकता में इन घटनाओं के पीछे संरचना और तैयारी में कमी का असर है और इसे किसी प्रकार की विजय का प्रतीक नहीं माना जा सकता।
कूटनीतिक मंच पर प्रभावी संदेश
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच का उपयोग कर यह संदेश भी दिया कि क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए भारत सतर्क है और किसी भी आक्रामकता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इस दौरान भारत ने शहबाज शरीफ को यह भी याद दिलाया कि हथियारों और ठिकानों पर हुए नुकसानों को सही रूप में आंकना चाहिए।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भारत की यह टिप्पणी सिर्फ पाकिस्तान को चेतावनी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाने का प्रयास भी है कि भारत अपनी सीमाओं और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए सजग और तैयार है। इससे पहले भी भारत ने यूएन में कूटनीतिक मंचों पर अपने रुख को प्रभावी तरीके से पेश किया है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों की पृष्ठभूमि
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। सीमाओं पर सैन्य गतिविधियां, आतंकवाद और हवाई हमलों के आरोप-प्रत्यारोप ने द्विपक्षीय संबंधों को और जटिल बना दिया है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र का मंच भारत के लिए अपनी कूटनीतिक मजबूती दिखाने का अवसर बन गया है।
इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की गलतफहमियों और दावों का प्रभावी जवाब देने का नया रुख अपना लिया है।
“टूटे रनवे और जले हैंगर जीत की निशानी हैं, तो खुश रहें”: यूएन में भारत ने पाकिस्तान के शहबाज को सुनाया




