नई टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी में आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय ‘टिहरी एक्रो फेस्टिवल’ के दौरान शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब हवा में कलाबाजी दिखाते समय दो पैराग्लाइडर पायलट अनियंत्रित होकर सीधे टिहरी झील के गहरे पानी में जा गिरे। गनीमत रही कि वहां सुरक्षा के लिए तैनात एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने पलक झपकते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दोनों पायलटों को डूबने से पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कैसे हुआ हादसा: हवा में बिगड़ा संतुलन
फेस्टिवल के तहत दुनिया भर से आए पायलट टिहरी झील के ऊपर अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे थे।
- तकनीकी दिक्कत: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पायलट जब ‘एक्रोबेटिक्स’ (हवाई कलाबाजी) कर रहे थे, तभी अचानक हवा के दबाव या तकनीकी चूक के कारण उनके पैराग्लाइडर का संतुलन बिगड़ गया।
- झील में लैंडिंग: पैराशूट को नियंत्रित करने की कोशिश नाकाम रहने पर दोनों पायलट सीधे झील के बीचों-बीच जा गिरे। पैराशूट का भारी कपड़ा और रस्सियां पानी में गिरने से उनके डूबने का खतरा बढ़ गया था।
एसडीआरएफ की ‘क्विक रिस्पांस’ टीम ने बचाई जान
झील के किनारे और पानी में मोटर बोट के साथ तैनात एसडीआरएफ के जवानों ने जैसे ही पायलटों को गिरते देखा, वे तुरंत एक्शन में आ गए:
- तत्काल रेस्क्यू: एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम ने अपनी स्पीड बोट को दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ाया।
- सुरक्षित बचाव: जवानों ने पानी में फंसे पायलटों को लाइफ जैकेट और रस्सियों के सहारे बोट पर खींचा। उनके भारी पैराग्लाइडिंग उपकरणों को भी झील से बाहर निकाल लिया गया है।
- मेडिकल चेकअप: किनारे पर लाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। बताया जा रहा है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
एशिया का बड़ा आयोजन है ‘टिहरी एक्रो फेस्टिवल’
गौरतलब है कि टिहरी झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस भव्य एक्रो फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 25 से अधिक देशों के लगभग 150 पैराग्लाइडर हिस्सा ले रहे हैं।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: इस तरह के साहसिक खेलों में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही झील में गोताखोरों और एसडीआरएफ की कई टीमें तैनात की थीं, जो आज जीवन रक्षक साबित हुईं।
खेल जारी, सुरक्षा और सख्त
इस छोटी दुर्घटना के बावजूद फेस्टिवल के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, आयोजकों ने अब हवा की गति और सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए हैं।
- मौसम पर नजर: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि हवा की गति तय मानकों से अधिक होती है, तो उड़ानों को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
“साहसिक खेलों में इस तरह की घटनाएं तकनीकी कारणों से हो सकती हैं, इसलिए हमने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। एसडीआरएफ की टीम ने आज बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। दोनों पायलट पूरी तरह स्वस्थ हैं।” — जिलाधिकारी, टिहरी गढ़वाल





