देहरादून: उत्तराखंड के प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 11 नई अत्याधुनिक पार्किंग सुविधाओं को मंजूरी दी गई है। इन पार्किंग स्थलों के निर्माण से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी अपने वाहन खड़े करने के लिए सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ जल्द मिल सके।
किन शहरों को मिलेगा लाभ?
सरकार ने उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है जहाँ यातायात का दबाव सबसे अधिक रहता है:
- पहाड़ी पर्यटन स्थल: मसूरी, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे शहरों में नई पार्किंग बनने से सड़कों के किनारे अवैध पार्किंग की समस्या खत्म होगी।
- मैदानी शहर: देहरादून, ऋषिकेश और हल्द्वानी जैसे व्यावसायिक केंद्रों में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है।
- धार्मिक केंद्र: हरिद्वार और चारधाम रूट के मुख्य पड़ावों पर भी बड़ी पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
पार्किंग सुविधाओं की मुख्य विशेषताएं
इन 11 नई पार्किंग परियोजनाओं को आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:
- मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग: कम जगह में अधिक वाहनों को खड़ा करने के लिए ‘वर्टिकल पार्किंग’ और ‘मैकेनाइज्ड’ सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
- स्मार्ट पार्किंग ऐप: इन पार्किंग स्थलों को एक मोबाइल ऐप से जोड़ा जाएगा, जिससे पर्यटक पहले से ही अपनी पार्किंग स्पेस बुक कर सकेंगे।
- पर्यावरण का ध्यान: निर्माण के दौरान पर्यावरण मानकों का पालन किया जाएगा और संभव होने पर इको-फ्रेंडली मटेरियल का उपयोग होगा।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग पॉइंट: भविष्य को देखते हुए इन पार्किंग स्थलों पर ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
CM धामी का विजन: ‘सरल और सुगम उत्तराखंड’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार राज्य की प्रगति के लिए अनिवार्य है:
- पर्यटन को बढ़ावा: सुगम यातायात से पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, जिससे राज्य के पर्यटन राजस्व में वृद्धि होगी।
- समय की बचत: व्यवस्थित पार्किंग से सड़कों पर जाम कम होगा, जिससे लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
- अतिक्रमण पर लगाम: सड़कों के किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के हटने से पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ते साफ होंगे।





