नई दिल्ली, 3 सितंबर। जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी जेसीआर (JCR) ने भारत की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग को एक पायदान बढ़ाकर ‘A-’ कर दिया है। इससे पहले भारत की रेटिंग ‘BBB+’ थी। एजेंसी ने रेटिंग के साथ ‘स्थिर’ (Stable) आउटलुक बरकरार रखा है।
जेसीआर ने भारत की रेटिंग बढ़ाने के पीछे देश की मजबूत और लगातार आर्थिक वृद्धि, प्रभावी आर्थिक नीतियों, बेहतर वित्तीय व्यवस्था और मजबूत बाहरी क्षेत्र को प्रमुख कारण बताया है। एजेंसी के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था करीब सात प्रतिशत की ऊंची विकास दर बनाए हुए है। इसमें मजबूत घरेलू खपत और सरकारी पूंजीगत निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जेसीआर के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.7 प्रतिशत रही। एजेंसी ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2027 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6 प्रतिशत से अधिक रह सकती है। निजी खपत को आयकर में कटौती और जीएसटी दरों में कमी से भी समर्थन मिला है।
रेटिंग एजेंसी ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र में सुधार को भी सकारात्मक कारक माना है। मार्च 2026 के अंत तक बैंकों का सकल गैर-निष्पादित ऋण (NPA) अनुपात घटकर 1.8 प्रतिशत रह गया। बैंकिंग क्षेत्र की पूंजी पर्याप्तता और लाभप्रदता भी मजबूत बनी हुई है।
जेसीआर ने सरकार के पूंजीगत खर्च और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते जोर को भी रेटिंग सुधार का आधार बताया। केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025 के 4.7 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 4.4 प्रतिशत रह गया। हालांकि, एजेंसी ने केंद्र और राज्यों को मिलाकर सरकारी कर्ज तथा ब्याज के बोझ को अभी भी बड़ी चुनौती बताया है।
जेसीआर ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जीएसटी जैसे सुधारों को भी भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत करने वाला बताया। साथ ही पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और सीमित चालू खाता घाटे को बाहरी झटकों से निपटने की भारत की क्षमता के लिए सकारात्मक माना है।





