रायपुर/सुकमा/बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सुरक्षाबलों को शनिवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सुकमा और बीजापुर जिलों में हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में जवानों ने कुल 14 नक्सलियों को मार गिराया है। इसी के साथ, सुकमा में सक्रिय खूंखार नक्सली कमांडर देवा ने अपने 20 साथियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। प्रशासन ने इसे माओवाद के खात्मे की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बताया है।
मुठभेड़ का विस्तृत विवरण: सुकमा और बीजापुर
सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच यह भीषण मुठभेड़ दो अलग-अलग मोर्चों पर हुई:
- सुकमा (12 नक्सली ढेर): सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके के जंगलों में डीआरजी (DRG) और कोबरा बटालियन के जवानों ने घेराबंदी की थी। खुद को घिरा देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया। सर्चिंग के दौरान घटना स्थल से सभी 12 शव और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं।
- बीजापुर (2 नक्सली ढेर): बीजापुर के भैरमगढ़ इलाके में हुई दूसरी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया। इन नक्सलियों पर पिछले कई महीनों से सुरक्षाबलों पर हमले के गंभीर मामले दर्ज थे।
‘देवा’ का सरेंडर: नक्सली संगठन को लगा तगड़ा झटका
मुठभेड़ के बीच ही सुकमा पुलिस को एक और बड़ी सफलता तब मिली जब इनामी नक्सली कमांडर देवा ने अपने 20 साथियों के साथ हथियार डाल दिए।
- कौन है देवा?: देवा नक्सली संगठन की मिलिट्री कंपनी का एक प्रमुख सदस्य था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
- सामूहिक आत्मसमर्पण: देवा के साथ सरेंडर करने वाले 20 नक्सलियों में महिला कैडर भी शामिल हैं। इन्होंने शासन की ‘पुनर्वास नीति’ और नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
- हथियारों का जखीरा: सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने अपने आधुनिक हथियार, विस्फोटक और नक्सली साहित्य भी पुलिस को सौंपे हैं।
बरामदगी और सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ स्थलों से सुरक्षाबलों ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- हथियार: ऑटोमैटिक राइफलें, 303 बोर गन और देसी कट्टे।
- विस्फोटक: भारी मात्रा में आईईडी (IED), जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर।
- अन्य सामग्री: नक्सली वर्दी, दवाइयां, वायरलेस सेट और भारी मात्रा में रसद।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने जवानों की इस बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि राज्य से नक्सलवाद का अंत अब निकट है। गृहमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि या तो नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों, वरना उनके खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
बस्तर में हाई अलर्ट
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे बस्तर संभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पड़ोसी राज्यों (ओडिशा और तेलंगाना) की सीमाओं को सील कर दिया गया है ताकि भागे हुए नक्सली सीमा पार न कर सकें। पुलिस महानिदेशक (DGP) खुद पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।





