Sunday, November 30, 2025

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छत्तीसगढ़ एनजीओ घोटाला: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, समाज कल्याण विभाग से 1,500 दस्तावेज जब्त; पूर्व मुख्य सचिव समेत कई अफसर जांच के दायरे में

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित ₹1,000 करोड़ के एनजीओ घोटाले की जांच में सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाया। एजेंसी की चार सदस्यीय टीम ने रायपुर और माना स्थित समाज कल्याण विभाग के संचालनालय में छापा मारकर करीब 1,500 दस्तावेजी बैग जब्त किए। इन दस्तावेजों में विभागीय फाइलें, वित्तीय रिकॉर्ड, एनजीओ से संबंधित प्रस्ताव और अनुमोदन पत्र शामिल हैं।
भोपाल से पहुंची सीबीआई टीम, अधिकारियों से की पूछताछ
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम सोमवार सुबह भोपाल से रायपुर पहुंची और सीधे माना स्थित समाज कल्याण संचालनालय पहुंची। यहां टीम ने विभागीय अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की और कई घंटों तक रिकार्ड की छानबीन की।
सूत्रों के मुताबिक, जब्त किए गए दस्तावेजों को सीलबंद बैगों में सुरक्षित रखा गया है और इन्हें आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
पूर्व मुख्य सचिवों सहित कई बड़े नामों पर जांच की आंच
सीबीआई को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घोटाले में कई वरिष्ठ नौकरशाहों और एनजीओ संचालकों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत सामने आए हैं। इनमें दो पूर्व मुख्य सचिव — विवेक ढांड और सुनील कुजूर, पूर्व अपर मुख्य सचिव एम.के. राउत, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी.एल. अग्रवाल और डॉ. आलोक शुक्ला के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा, एनजीओ से जुड़े अधिकारियों में राजेश तिवारी, सतीश पांडे, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एम.एल. पांडे और एसआरसी एनजीओ के कार्यकारी निदेशक पंकज वर्मा के खिलाफ भी जांच चल रही है।
क्या है घोटाले का मामला?
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब समाज कल्याण विभाग के तहत दिव्यांगों और जरूरतमंदों के लिए बनाई गई ‘स्टेट रिसोर्स इंस्टीट्यूट’ सहित कई एनजीओ के नाम पर करोड़ों रुपये की सरकारी राशि जारी की गई, लेकिन वह मूल उद्देश्यों पर खर्च नहीं हुई।
आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों और एनजीओ संचालकों ने मिलकर इन योजनाओं के नाम पर फर्जी संस्थान बनाए और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया।
एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, यह फंड विभिन्न सामाजिक कल्याण परियोजनाओं के लिए केंद्र से जारी किया गया था, लेकिन वास्तविक लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा। कई एनजीओ को कागजों पर सक्रिय दिखाकर फर्जी भुगतान किए गए।
हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई कर रही जांच
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस घोटाले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले राज्य की एसीबी-ईओडब्ल्यू ने प्रारंभिक जांच कर कई अनियमितताएं उजागर की थीं।
अब सीबीआई इस मामले में आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों और लेन-देन के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों के अध्ययन के बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों और एनजीओ प्रतिनिधियों से पूछताछ की जाएगी।
सीबीआई सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कई बड़े अधिकारियों और एनजीओ संचालकों को तलब किया जा सकता है, और जांच के दायरे को और विस्तारित किया जाएगा।

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