बीजिंग: चीन के एक प्रमुख प्रांत में स्थित सोने की खदान में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। खदान के भीतर जहरीली गैस के रिसाव और उसके बाद हुए एक तकनीकी संकट के कारण सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने घंटों की मशक्कत के बाद खदान की गहराई से शवों को बाहर निकाला। यह घटना चीन के खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
हादसे का विवरण: गहराई में समा गई सात जिंदगियां
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर खदान के निचले स्तर पर ड्रिलिंग और खुदाई के काम में लगे थे:
- जहरीली गैस का रिसाव: शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि खदान के एक हिस्से में अचानक ‘कार्बन मोनोऑक्साइड’ जैसी जहरीली गैस का स्तर बढ़ गया, जिससे मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला।
- दम घुटने से मौत: खदान के भीतर वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) प्रणाली में आई खराबी के कारण मजदूरों का दम घुटने लगा। सुरक्षा अलार्म बजने से पहले ही सात लोग बेहोश हो गए और उनकी मृत्यु हो गई।
- बचाव अभियान: सूचना मिलते ही आधुनिक उपकरणों और ऑक्सीजन मास्क से लैस बचाव दल खदान में उतरे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के आदेश
चीन की सरकार ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाए हैं:
- खदान सील: संबंधित सोने की खदान को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है और आसपास के अन्य खनन क्षेत्रों में भी सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है।
- हाई-लेवल जांच: सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है जो यह पता लगाएगा कि क्या यह हादसा मानवीय लापरवाही थी या सुरक्षा उपकरणों की विफलता।
- जवाबदेही तय: स्थानीय मीडिया के अनुसार, खदान प्रबंधन के कुछ अधिकारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी का आरोप है।
चीन के खनन क्षेत्र में सुरक्षा की चुनौती
हालांकि चीन ने पिछले कुछ वर्षों में खदान सुरक्षा में सुधार के दावे किए हैं, लेकिन इस तरह के हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं:
- पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर: कई खदानों में अभी भी पुरानी तकनीक और मशीनरी का उपयोग हो रहा है, जो गैस रिसाव जैसी स्थितियों में विफल हो जाती हैं।
- उत्पादन का दबाव: अधिक उत्पादन के दबाव में अक्सर खदान संचालक सुरक्षा मानकों के साथ समझौता करते हैं, जिसकी कीमत मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।





