पाकिस्तान को एक बार फिर उसकी कथनी और करनी के बीच का फर्क महसूस कराना पड़ा, और इस बार उसे “आयरन ब्रदर” कहे जाने वाले चीन से ही फटकार सुननी पड़ी। चीन के आधिकारिक दौरे पर गए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया।
हालिया मुलाकात में वांग यी ने कहा कि पाकिस्तान को उसके नागरिकों, परियोजनाओं और संस्थानों की सुरक्षा की गारंटी देनी ही होगी। उन्होंने बीते कुछ वर्षों में पाकिस्तान में हुए आतंकी हमलों में मारे गए चीनी नागरिकों का विशेष रूप से ज़िक्र किया — खासतौर पर अक्टूबर 2024 में कराची एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले में पांच चीनी नागरिकों की मौत का मामला उठाया।
पाक को याद दिलाया भरोसा, दिलाई शर्मिंदगी
इस मुलाकात के दौरान चीन ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिर्फ रणनीतिक साझेदारी की बातें काफी नहीं, जमीन पर सुरक्षा और स्थायित्व चाहिए। जानकारों के मुताबिक, वांग यी के इस सख्त रुख ने पाकिस्तान को असहज स्थिति में डाल दिया, और जनरल मुनीर को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा।
मुनीर ने आश्वस्त किया कि पाकिस्तान की सेना चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
आयरन ब्रदर, लेकिन भरोसे की दरार?
पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने मुलाकात में कहा कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती चट्टान जैसी मजबूत है और चीन उनका “आयरन ब्रदर” है। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तानी सेना द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि बार-बार की आतंकी घटनाएं और परियोजनाओं में देरी ने चीन को चिंतित कर दिया है, और अब वह ‘कूटनीतिक शिष्टाचार’ से हटकर सीधी बात करने लगा है।
रणनीतिक दौरा, लेकिन सख्त सबक
जनरल मुनीर की चीन यात्रा पाकिस्तान की मिलिट्री डिप्लोमेसी रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले वह अमेरिका, सऊदी अरब, तुर्की, ईरान, अज़रबैजान और श्रीलंका की यात्राएं कर चुके हैं। मगर बीजिंग में मिला सख्त रुख साफ दर्शाता है कि सिर्फ सैन्य और राजनीतिक वादों से अब काम नहीं चलने वाला।





