Sunday, February 15, 2026

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चमोली आपदा: मलबे में दफन हुईं सात जिंदगियां, सुबह से जलती रहीं चिताएं; शोक में डूबा नंदानगर

चमोली। नंदानगर क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। शुक्रवार को फाली लगा कुंतरी क्षेत्र से मलबे से पांच और शव बरामद किए गए। इस प्रकार आपदा में लापता हुए 10 लोगों में से अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया है। धुर्मा गांव के दो लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें कर रही हैं। बरामद सभी सात शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

नदी संगम पर हुआ अंतिम संस्कार
आपदा में जान गंवाने वालों का शुक्रवार को नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। नंदाकिनी और चुफला नदी के संगम पर सुबह से शाम तक एक के बाद एक चिताएं जलती रहीं। वातावरण में उठता धुआं और विलाप करते परिजन देखकर हर किसी की आंख भर आई। पूरा क्षेत्र गमगीन माहौल में डूबा रहा।

गुरुवार को मिले नरेंद्र सिंह और जगदंबा प्रसाद के शवों में सबसे पहले नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। जगदंबा प्रसाद के परिजन तत्काल न पहुंच पाने के कारण उनका शव सुरक्षित रखा गया था। शुक्रवार को उनकी पत्नी भागा देवी का शव भी बरामद हुआ और रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इसके बाद अन्य मृतकों की चिताएं भी संगम स्थल पर जलाई गईं।

बरामद शवों की पहचान
शुक्रवार को बरामद हुए शवों में शामिल हैं:

  • कांता देवी पत्नी कुंवर सिंह (38)
  • विकास (10 वर्ष)
  • विशाल (10 वर्ष)
  • भागा देवी पत्नी जगदंबा प्रसाद (65)
  • देवेश्वरी देवी

इन शवों के मिलने के बाद पीड़ित परिवारों के घरों में कोहराम मच गया।

प्रशासन का राहत व बचाव कार्य जारी
जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। डीएम ने बताया कि सेरा-धुर्मा सड़क आपदा में कई जगहों से बह गई है। इसकी मरम्मत का काम तेज किया गया है ताकि राहत सामग्री प्रभावित इलाकों तक पहुंचाई जा सके। साथ ही पैदल मार्गों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

धुर्मा गांव तक खाद्य सामग्री और राशन किट हेलिकॉप्टर से भेजे जा रहे हैं ताकि किसी भी परिवार को भोजन या आवश्यक वस्तुओं की कमी न हो। जिलाधिकारी और एसपी ने मरिया आश्रम में बने राहत शिविर का भी निरीक्षण किया और वहां ठहरे प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की समीक्षा की।

डीएम तिवारी ने बताया कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम कर रहे हैं और सड़कों को खोलने के साथ-साथ जल, बिजली और संचार सेवाएं बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

इस मौके पर एसडीएम आर.के. पांडे, एसडीएम सोहन सिंह रांगड़, पुलिस उपाधीक्षक अमित सैनी, तहसीलदार दीप्ति शिखा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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