चंपावत/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह जनपद चंपावत को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने जनपद में एक ‘विशेष पर्यटन सर्किट’ (Special Tourism Circuit) विकसित करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस सर्किट के माध्यम से चंपावत के पौराणिक मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को एक सूत्र में पिरोया जाएगा। मुख्यमंत्री का विजन चंपावत को ‘आदर्श जनपद’ बनाने के साथ-साथ यहाँ पर्यटन के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
क्या है ‘विशेष पर्यटन सर्किट’ योजना?
इस सर्किट के तहत चंपावत के प्रमुख स्थलों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जाएगा:
- धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism): सर्किट में प्रसिद्ध पूर्णागिरी मंदिर, शारदा घाट, अद्वैत आश्रम (मायावती), और बालेश्वर मंदिर जैसे पवित्र स्थलों को शामिल किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ विशेष कॉरिडोर और विश्राम गृह बनाए जाएंगे।
- साहसिक और ईको-टूरिज्म: चंपावत की ऊंची चोटियों और घने जंगलों को ट्रेकिंग, कैंपिंग और बर्ड वाचिंग के लिए विकसित किया जाएगा। कोलीढेक झील जैसी जगहों पर वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
- कनेक्टिविटी पर जोर: सर्किट के सभी प्रमुख केंद्रों को जोड़ने के लिए सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा और परिवहन के सुलभ साधन उपलब्ध कराए जाएंगे
स्थानीय संस्कृति और होमस्टे को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विकास का लाभ सीधे गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए:
- होमस्टे योजना: पर्यटन सर्किट के आसपास के गांवों में ‘होमस्टे’ को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यटक उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान से रूबरू हो सकें।
- स्थानीय उत्पाद: चंपावत के हस्तशिल्प और स्थानीय कृषि उत्पादों (जैसे पहाड़ी दालें और फल) के लिए विशेष आउटलेट बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
- रोजगार के नए अवसर: गाइड, टैक्सी ऑपरेटर और होटल व्यवसाय से जुड़े युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री का संबोधन: ‘आदर्श चंपावत’ का संकल्प
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
- चंपावत में विकास की अपार संभावनाएं हैं और इसे विश्व स्तर पर एक मॉडल के रूप में पेश किया जाएगा।
- पर्यटन सर्किट बनने से यहाँ साल भर पर्यटकों की आवाजाही रहेगी, जिससे पलायन की समस्या का समाधान होगा।
- सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और चंपावत इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण जिला है।




