नई दिल्ली: मसीही समाज के पवित्र और शोकपूर्ण त्योहार ‘गुड फ्राइडे’ (Good Friday) के अवसर पर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ और भाईचारे का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में ईसा मसीह (Jesus Christ) के बलिदान को याद किया और कहा कि यह दिन हमें उनके बताए मूल्यों, जैसे कि करुणा, क्षमा, और निस्वार्थ प्रेम, को और गहराई से अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि गुड फ्राइडे का यह पवित्र दिन समाज में सद्भाव और दयालुता को बढ़ावा देने के संकल्प को मज़बूत करे और हम सभी को एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करे। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भी सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए ईसा मसीह के बलिदान और उनके शाश्वत संदेश पर चिंतन करने का अवसर बताया।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: करुणा, क्षमा, और भाईचारे का दीप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुड फ्राइडे के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए एक भावनात्मक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि “गुड फ्राइडे ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है और हमें उनके बताए मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देता है।” पीएम मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि यह पवित्र दिन हमें सद्भाव, करुणा, और क्षमा जैसे मूल्यों को और गहराई से अपनाने का अवसर देता है, जो एक स्वस्थ और समृद्ध समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कामना की कि “भाईचारा और आशा हम सभी का मार्गदर्शन करें” और हम मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान, न्याय, और अवसर मिले। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश देश भर में करुणा और भाईचारे की गूँज के रूप में स्वीकार किया गया है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का संदेश: विनम्रता, निस्वार्थता, और नेकी का मार्ग
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए गुड फ्राइडे के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लिखा कि “गुड फ्राइडे का यह पवित्र दिन हमें यीशु मसीह के बलिदान की याद दिलाता है और उनके प्रेम, करुणा, व क्षमा के शाश्वत संदेश पर चिंतन करने का अवसर देता है।” उपराष्ट्रपति ने ईसा मसीह के जीवन को “विनम्रता, निस्वार्थता, और नेकी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा” बताया और कामना की कि यह दिन समाज में सद्भाव और दयालुता को बढ़ाने के संकल्प को मज़बूत करे। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का संदेश देश भर में विनम्रता और नेकी का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
गुड फ्राइडे का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व: मसीही समाज का शोकपूर्ण त्योहार
गुड फ्राइडे मसीही समाज का एक अत्यंत पवित्र और शोकपूर्ण त्योहार है, जो ईसा मसीह के बलिदान और उनके शाश्वत संदेश को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन, मसीही समाज के लोग चर्च में एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं, बाइबिल का पाठ करते हैं, और ईसा मसीह के बलिदान पर चिंतन करते हैं। गुड फ्राइडे का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व अत्यंत गहरा है, जो मसीही समाज के लोगों को उनके धर्म और परंपराओं से जोड़े रखता है। यह दिन समाज में करुणा, क्षमा, और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए भी एक महत्त्वपूर्ण अवसर है, जो देश भर में धार्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द को मज़बूत करता है।





