Wednesday, January 7, 2026

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अंकिता हत्याकांड: पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

नैनीताल: अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में घिरे ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को उत्तराखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। अंकिता के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और हालिया कानूनी घटनाक्रमों के बीच इस फैसले को सुरेश राठौर के लिए एक बड़ी अंतरिम राहत माना जा रहा है।

न्यायालय का आदेश और सुनवाई

न्यायमूर्ति की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता सुरेश राठौर के विरुद्ध फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसी को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। मामले की अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर यह रोक जारी रहेगी।

क्या हैं पूर्व विधायक पर आरोप?

अंकिता भंडारी के माता-पिता ने पिछले दिनों एक सोशल मीडिया वीडियो और बयानों के माध्यम से सुरेश राठौर पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का दावा था कि पूर्व विधायक इस मामले में शामिल ‘वीआईपी’ (VIP) के बारे में जानकारी रखते हैं या साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। इन आरोपों के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाया था, जिसके विरुद्ध राठौर ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

सुरेश राठौर का पक्ष

पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने अदालत में अपनी याचिका के माध्यम से कहा कि उनका इस हत्याकांड या इससे जुड़े किसी भी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से इस मामले में उनका नाम घसीटा जा रहा है।

अंकिता के माता-पिता का संघर्ष जारी

दूसरी ओर, अंकिता भंडारी के माता-पिता लगातार उस ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं, जिसके लिए उनकी बेटी पर दबाव बनाया गया था। वे लंबे समय से इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराने की मांग को लेकर धरने पर भी रहे हैं। उच्च न्यायालय के इस ताजा आदेश के बाद अब सबकी नजरें सरकार के जवाब और मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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