Sunday, November 30, 2025

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गाजा सिटी पर कब्जे के लिए इजरायली सेना का बड़ा अभियान शुरू, हमास से सीधा मुकाबला; जमीनी लड़ाई के साथ हवाई हमले तेज

यरुशलम/गाजा सिटी।
गाजा पट्टी के सबसे बड़े और रणनीतिक महत्व वाले शहर गाजा सिटी पर कब्जे के लिए इजरायल ने मंगलवार-बुधवार रात से अपना जमीनी अभियान तेज कर दिया है। भारी टैंक और तोपखाने शहर की सीमाओं में दाखिल हो चुके हैं। गोलाबारी से कई घर और भवन मलबे में तब्दील हो गए हैं। कई स्थानों पर इजरायली सेना और हमास लड़ाकों के बीच भीषण आमने-सामने की लड़ाई चल रही है।

हमास को भारी नुकसान, कमांडर ढेर

सूत्रों के अनुसार, इजरायली सेना की गीवाती ब्रिगेड ने हमास की कई टुकड़ियों को निशाना बनाया और उनके शस्त्रागार को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान इजरायली वायुसेना ने हवाई हमले भी किए, जिसमें हमास का वरिष्ठ कमांडर महमूद अल-असौद मारा गया।
यह गाजा पट्टी में 22 महीने से जारी संघर्ष का अहम मोड़ माना जा रहा है। अब तक घनी आबादी के कारण गाजा सिटी इजरायली सेना की पकड़ से बाहर था।

इजरायल की योजना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इजरायल सरकार ने इस महीने की शुरुआत में ही गाजा सिटी पर स्थायी नियंत्रण स्थापित करने की योजना का एलान किया था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घोषणा की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि इसका दूरगामी दुष्परिणाम हो सकता है। इसके बावजूद इजरायल ने जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

सीमावर्ती इलाकों में लड़ाई, लोग घर छोड़कर भागे

फिलहाल इजरायली सेना ने गाजा सिटी के सीमावर्ती इलाके एबाद-अलरहमन में मोर्चा संभाला है। यहां पहले ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घर छोड़कर अन्यत्र चले गए हैं। इसलिए इन इलाकों में सेना और हमास के बीच सीधी मुठभेड़ हो रही है।
इस दौरान इजरायली विमान लगातार बमबारी कर रहे हैं। गाजा सिटी के अलावा जबालिया शरणार्थी क्षेत्र को भी निशाना बनाया जा रहा है, हालांकि वहां के आंतरिक हिस्सों पर अभी भी हमास का नियंत्रण है।

चर्चों ने गाजा सिटी नहीं छोड़ने का निर्णय लिया

लड़ाई के बीच ग्रीक आर्थोडॉक्स पैट्रिआर्केट और लैटिन पैट्रिआर्केट ऑफ यरुशलम ने घोषणा की है कि उनके चर्च और वहां सेवा कर रहे लोग गाजा सिटी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि वे हर हाल में वहीं रहेंगे। दूसरी ओर इजरायली सेना ने दोहराया है कि सुरक्षा के लिए गाजा सिटी छोड़ना जरूरी है” और विस्थापितों के लिए वैकल्पिक ठिकाने तैयार किए गए हैं।

विस्थापन की चुनौती

संयुक्त राष्ट्र और फलस्तीनी अधिकारियों ने कहा है कि मौजूदा हालात में विस्थापितों को ठहराने के लिए करीब 15 लाख नए टेंट की आवश्यकता होगी। हालात बिगड़ने के बीच अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि वर्ष के अंत तक गाजा मसले का समाधान निकलेगा और शांति बहाल होगी।

सीरिया में भी इजरायली हमला

इजरायल ने बुधवार को अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए सीरिया की राजधानी दमिश्क के उपनगरीय इलाके में ड्रोन हमला किया। इसमें सीरियाई सेना के छह सैनिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हो गए। सीरियाई सरकारी अखबार अल-इखबारिया ने इसकी पुष्टि की है।

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