गाजा। गाजा पट्टी में इजरायली सेना और हमास के लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई ने मानवीय संकट को और गहरा दिया है। बीते 24 घंटे में हुई मुठभेड़ों और हवाई हमलों में कम से कम 85 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि लगातार जारी हमलों और जवाबी गोलाबारी के चलते लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में है।
युद्ध का नया दौर
गाजा शहर और उसके आसपास के कई इलाकों में इजरायली सेना ने हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए भारी बमबारी और जमीनी कार्रवाई की। सेना का दावा है कि इन अभियानों का उद्देश्य हमास की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह ध्वस्त करना है। दूसरी ओर, हमास के लड़ाकों ने भी रॉकेट दागकर जवाबी हमला किया, जिससे इजरायल के कई सीमावर्ती कस्बों में अफरा-तफरी मच गई।
नागरिकों पर सबसे बड़ा असर
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और स्थानीय स्वास्थ्य विभागों की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में अस्पताल क्षमता से अधिक बोझ झेल रहे हैं। दवाइयों, बिजली और पेयजल की भारी कमी हो गई है। हजारों परिवार मलबे के ढेर के बीच सुरक्षित ठिकाने तलाशने को मजबूर हैं। राहत एजेंसियों का कहना है कि यदि हिंसा नहीं थमी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय अपील
लगातार बिगड़ते हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने गहरी चिंता जताई है। कई देशों ने तत्काल युद्धविराम और मानवीय सहायता गलियारे की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि गाजा में हालात असहनीय हो चुके हैं और नागरिकों को बचाने के लिए सभी पक्षों को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
भविष्य को लेकर आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो संघर्ष क्षेत्र में भूख, बीमारियों और पलायन का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इजरायल ने संकेत दिया है कि उसकी कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमास की सैन्य ताकत पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाती।





