रफा/काहिरा: गाजा पट्टी के निवासियों और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों के लिए एक बड़ी मानवीय सफलता के तहत, गाजा और मिस्र के बीच स्थित महत्वपूर्ण ‘रफा क्रॉसिंग’ को फिर से खोल दिया गया है। गौरतलब है कि मई 2024 में इजरायली सेना (IDF) ने हमास के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान इस रणनीतिक सीमा पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद से यह मार्ग पूरी तरह बंद था। सीमा खुलने के बाद मानवीय सहायता के ट्रक गाजा में प्रवेश करने लगे हैं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज के लिए मिस्र जाने की अनुमति दी गई है।
रफा बॉर्डर का महत्व और कब्जे का इतिहास
रफा बॉर्डर गाजा के लिए बाहरी दुनिया से जुड़ने वाला एकमात्र ऐसा रास्ता है जो सीधे इजरायल से होकर नहीं गुजरता:
- 2024 का संकट: मई 2024 में इजरायली टैंकों ने रफा शहर और सीमा चौकी पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इजरायल का दावा था कि इस मार्ग का उपयोग हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
- मानवीय त्राहि-त्राहि: बॉर्डर बंद होने के कारण गाजा में भोजन, दवाइयों और ईंधन की भारी किल्लत हो गई थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने “अकाल जैसी स्थिति” करार दिया था।
कैसे हुआ समझौता और क्या हैं नई शर्तें?
लंबे समय तक चले त्रिपक्षीय संवाद (मिस्र, इजरायल और अमेरिका) के बाद इस मार्ग को फिर से सक्रिय करने पर सहमति बनी है:
- सुरक्षा जांच: सूत्रों के अनुसार, सीमा पर सुरक्षा की निगरानी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दल या विशेष रूप से प्रशिक्षित फिलिस्तीनी दल को तैनात किया जा सकता है, जो किसी भी सशस्त्र गुट से संबद्ध न हो।
- सीमित आवाजाही: फिलहाल यह मार्ग केवल मानवीय सहायता (दवा, भोजन, टेंट) और आपातकालीन चिकित्सा निकास के लिए खोला गया है। आम नागरिकों के लिए पूर्ण आवाजाही पर अभी भी प्रतिबंध लागू हैं।
- इजरायली निगरानी: इजरायल ने तकनीकी रूप से इस शर्त पर सहमति दी है कि वह रिमोट सेंसिंग और इंटेलिजेंस के जरिए यह सुनिश्चित करेगा कि इस मार्ग से किसी भी सैन्य सामग्री की तस्करी न हो।
मिस्र और अमेरिका की मध्यस्थता
मिस्र ने इस सीमा को खोलने में प्रमुख भूमिका निभाई है। काहिरा ने स्पष्ट किया था कि वह तब तक इजरायल के साथ सहयोग नहीं करेगा जब तक कि सीमा का प्रबंधन फिलिस्तीनियों को वापस नहीं सौंप दिया जाता। अमेरिका ने भी इजरायल पर दबाव डाला कि गाजा में मानवीय संकट को रोकने के लिए रफा बॉर्डर का सक्रिय होना अनिवार्य है।
क्षेत्रीय शांति की ओर एक कदम?
विशेषज्ञों का मानना है कि रफा बॉर्डर का खुलना भविष्य में होने वाले युद्धविराम समझौतों के लिए एक ‘कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर’ (विश्वास बहाली का उपाय) साबित हो सकता है:
- सहायता का प्रवाह: संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने उम्मीद जताई है कि अब प्रतिदिन कम से कम 200 से 300 ट्रक गाजा के भीतर पहुंच सकेंगे।
- मरीजों को राहत: युद्ध में घायल हुए सैकड़ों बच्चों और बुजुर्गों को अब मिस्र के अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
“रफा क्रॉसिंग का खुलना केवल एक सीमा का खुलना नहीं है, बल्कि यह गाजा के लाखों लोगों के लिए जीवन की एक उम्मीद है। हम उम्मीद करते हैं कि यह व्यवस्था स्थायी रहेगी और मानवीय सहायता बिना किसी बाधा के पहुंचती रहेगी।” — प्रवक्ता, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस




